नरसिंहपुर / पुलिस दर्पण
आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन विभाग ने जनसुरक्षा के मद्देनज़र बड़ा अभियान चलाया है। जिलेभर में जर्जर एवं खतरनाक भवनों का सर्वेक्षण कर कुल 88 भवनों को जोखिमपूर्ण घोषित किया गया है। इनमें 14 शासकीय और 74 निजी भवन शामिल हैं। सभी भवन स्वामियों और संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, वहीं प्रत्येक चिन्हित भवन पर चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार बारिश के दौरान जर्जर भवनों के ढहने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
नगरवार जर्जर भवनों की स्थिति
नरसिंहपुर: 24 भवन (5 शासकीय, 19 निजी)
गाडरवारा: 16 भवन (1 शासकीय, 15 निजी)
करेली: 18 भवन (2 शासकीय, 16 निजी)
गोटेगांव: 21 भवन (सभी निजी)
तेंदुखेड़ा: 5 भवन (4 शासकीय, 1 निजी)
चीचली: 4 भवन (2 शासकीय, 2 निजी)
साईंखेड़ा एवं सालीचौका: कोई जर्जर भवन नहीं मिला।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे चिन्हित जर्जर भवनों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। भवन मालिकों को निर्धारित समय-सीमा में मरम्मत या आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो जनहित और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मानसून से पहले प्रशासन की यह पहल संभावित हादसों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

