5 हजार के इनामी बदमाश पर पुलिस का शिकंजा, 5.40 लाख के चोरी के जेवर बरामद।
विक्रम नगर नकबजनी कांड में स्टेशन रोड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पारधी गैंग के तीन आरोपी अब भी फरार।
रतलाम | पुलिस दर्पण (पत्रिका)
जिले में चोरी और नकबजनी की वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाने के अभियान के तहत रतलाम पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। विक्रम नगर में हुई सनसनीखेज नकबजनी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी अविनाश पारधी को थाना स्टेशन रोड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से करीब 1.80 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल, राकेश पंद्रो एवं नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्रपाल सिंह जादौन के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र से मिली बड़ी सफलता
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पारधी गैंग की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी। मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना के आधार पर 5 जुलाई 2026 को आरोपी अविनाश पारधी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर चोरी के 1.80 लाख रुपए मूल्य के आभूषण बरामद हुए।
पहले भी हो चुकी थी बड़ी बरामदगी इस प्रकरण में पुलिस इससे पहले 9 फरवरी 2026 को आरोपी राधे पारधी को गिरफ्तार कर चुकी है। उसकी निशानदेही पर 3.60 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए थे। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक कुल 5.40 लाख रुपए का चोरी का माल बरामद किया जा चुका है।
तीन आरोपी अब भी पुलिस की रडार पर।
पुलिस के अनुसार इस वारदात में शामिल देवा पारधी, सचिन पारधी और बाला उर्फ चंदन पारधी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी और शेष चोरी गए माल की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका।
इस सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्रपाल सिंह जादौन, उपनिरीक्षक विजय बामनिया, शिवेंद्र कुमार, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह चौहान, एलेक्जेंडर, विक्रम सिंह, विजय मीणा तथा आरक्षक लाखन सिंह, अनिल सोलंकी और प्रेमसिंह की भूमिका सराहनीय रही।

