एक्सीलेंस स्कूल में ‘जागरूकता उमंग’ कार्यक्रम, 300 विद्यार्थियों को सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव की जानकारी

महिला थाना छिंदवाड़ा ने गुड टच-बैड टच, पॉक्सो एक्ट, महिला अपराध और नशे के दुष्परिणामों पर किया जागरूक

निर्मला पहाडे ब्यूरो प्रमुख छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा। विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महिला थाना छिंदवाड़ा द्वारा एक्सीलेंस स्कूल में ‘जागरूकता उमंग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 200 से 300 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

महिला थाना प्रभारी निरीक्षक अरुणा वाहने, महिला प्रधान आरक्षक डिम्पल इनवाती एवं शकीला खान ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य साहू सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे।

गुड टच-बैड टच की समझाइश

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को Good Touch और Bad Touch के बीच अंतर समझाया। बच्चों से कहा गया कि किसी व्यक्ति के व्यवहार या स्पर्श से असहज महसूस होने पर डरने या चुप रहने के बजाय तत्काल माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें।

पॉक्सो एक्ट और बाल सुरक्षा पर जानकारी

विद्यार्थियों को POCSO Act के प्रमुख प्रावधानों तथा बच्चों को लैंगिक अपराधों से मिलने वाली कानूनी सुरक्षा के बारे में बताया गया। किसी भी अनुचित घटना को छिपाने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति से साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।

साइबर अपराध से बचने की दी सीख

कार्यक्रम में सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी लिंक, अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क, OTP और पासवर्ड साझा करने से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को सावधान किया गया। मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।

नशे से दूर रहने का संदेश

पुलिस ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशे से दूर रहने तथा अपने साथियों और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध, अनुचित या परेशान करने वाली घटना को नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल माता-पिता, अभिभावक, शिक्षक अथवा पुलिस को सूचना दें।

महिला थाना पुलिस के अनुसार ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में सजगता, आत्मविश्वास, सुरक्षा, जिम्मेदारी और साइबर जागरूकता विकसित करना है। विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

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