रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम जिले की पिपलोदा तहसील के ग्राम आजमपुर डोडिया में कथित रूप से दूषित कुएं का पानी पीने से हड़कंप मच गया। करीब 800 आबादी वाले गांव में 80 से अधिक ग्रामीण उल्टी, दस्त और पेट दर्द की चपेट में आ गए, जबकि 21 लोगों को गंभीर हालत में पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
तीन दिन से बिगड़ रही थी तबीयत, प्रशासन दौड़ा गांव
ग्रामीणों के अनुसार पिछले तीन दिनों से लोगों में लगातार पेट दर्द, उल्टी और दस्त के लक्षण दिखाई दे रहे थे। सूचना मिलते ही बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने 108 एंबुलेंस भेजी और गांव में तत्काल चिकित्सा शिविर लगाया। डॉक्टरों ने लगभग 80 ग्रामीणों की जांच कर दवाइयां वितरित कीं तथा घर-घर सर्वे शुरू किया।
कुएं पर लगा ताला, टैंकरों से पहुंच रहा पानी
प्राथमिक जांच में कुएं के पानी के दूषित होने की आशंका जताई गई है। एहतियातन प्रशासन ने संबंधित कुएं को सील कर दिया है और फिलहाल गांव में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
पीएचई विभाग ने पानी के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्लोरीनेशन और लैब रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद ही कुएं के पानी के उपयोग की अनुमति दी जाएगी।
नल-जल योजना का पानी छोड़, ग्रामीण पीते थे कुएं का पानी
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में उपलब्ध मीठे पानी वाले शासकीय कुएं का उपयोग अधिकांश लोग पेयजल के लिए करते हैं। उनका आरोप है कि नल-जल योजना का पानी स्वादहीन और अनियमित होने के कारण लोग उस पर पूरी तरह निर्भर नहीं हैं।
दो दिन पहले निकली थी कुएं की गाद
सरपंच समरथ ने बताया कि दो दिन पहले कुएं का पानी खाली कर गाद निकाली गई थी। हालांकि कुएं की पूरी सफाई के लिए उसका पूरा पानी निकालना जरूरी होता है, लेकिन कई बार ग्रामीण इसका विरोध करते हैं।
तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार प्रीति साठे अस्पताल पहुंचीं और भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को फिलहाल उबालकर पानी पीने और साफ-सफाई रखने की सलाह दी है।
फिलहाल पूरा गांव जांच
रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आखिर बीमारी की वजह वास्तव में दूषित पानी था या कोई अन्य कारण।
स्वास्थ्य और पीएचई विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

