गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने के लिए शुरू हुआ महा-हस्ताक्षर अभियान

सेवा से ही मानव जीवन सफल, हर सनातनी लें एक गौ माता की सेवा का संकल्प: संत श्री गोशरणानंद सरस्वती महाराज
नामली (रतलाम मध्यप्रदेश)

सनातन धर्म में गौ माता की सेवा को सबसे बड़ा और परम श्रेष्ठ धर्म माना गया है। जो मनुष्य तन, मन और धन से नि:स्वार्थ भाव से गौ सेवा करता है, उसे निश्चित रूप से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी पावन उद्देश्य को लेकर नगर के प्रतिष्ठित श्री खेड़ापति हनुमान जी मंदिर प्रांगण में विगत 11 जून से चल रही संगीतमय सप्त दिवसीय गौ कृपा कथा का ‘कामधेनु सुरभि यज्ञ’ के साथ अत्यंत भव्य और श्रद्धापूर्ण समापन हुआ।

इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य वाचक, गोधाम शुजापुर-जावरा के परम पूज्य संत गुरुदेव श्री गोशरणानंद सरस्वती जी महाराज रहे। सात दिनों तक प्रतिदिन रात्रि 8:00 से 11:00 बजे तक महाराज श्री के मुखारविंद से बही गौ महिमा की अमृतधारा को पीने के लिए नामली सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु एवं गौ भक्त उमड़े।
चार माताओं का उपकार मानने वाला ही सच्चा सनातनी
​ कथा के दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य संत श्री गोशरणानंद जी महाराज ने भावुक शब्दों में कहा कि इस संसार में चार माताओं का विशेष महत्व है—गौ माता, धरती माता, गंगा माता और जन्मदात्री माता। इन चारों के उपकार को स्वीकार करने वाला व्यक्ति ही वास्तव में सच्चा सनातनी कहलाने का अधिकारी है।
​”करोड़ों सनातनी होने के बावजूद आज समाज में गौ माता के प्रति वैसी गंभीरता नहीं दिखती, जैसी होनी चाहिए। गौ माता की दुर्दशा पर विचार न करना मानव जीवन के लिए एक चिंताजनक और शर्मनाक स्थिति है। जहां पवित्रता के लिए गंगाजल की आवश्यकता होती है, वहीं गोमूत्र को भी हमारी संस्कृति में परम पवित्र और शुद्धता का प्रतीक माना गया है।”
संत श्री गोशरणानंद सरस्वती जी महाराज
​ उन्होंने जोर देकर कहा कि दुर्घटनाग्रस्त, बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ गोवंश के समुचित उपचार के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त गौ चिकित्सालय (गौ अस्पताल) स्थापित किए जाने अनिवार्य हैं। इस दौरान महाराज श्री ने पल्दूना रोड स्थित गोपाल गौशाला का भ्रमण कर वहां चल रहे उपचार कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की तथा पिपलोदा तहसील के सुजापुर में निर्माणाधीन गौ चिकित्सालय के आजीवन सदस्य बनने का आह्वान भी किया।
​’कामधेनु सुरभि यज्ञ’ और भव्य शोभायात्रा।
​18 जून गुरुवार को सुबह 8:00 बजे मंत्रोच्चार के बीच मां कामधेनु सुरभि यज्ञ की पूर्णाहुति दी गई। इसके पश्चात खेड़ापति हनुमान मंदिर प्रांगण से एक ऐतिहासिक एवं भव्य गौ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान संपूर्ण नगर भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। नगरवासियों और गौ भक्तों द्वारा जगह-जगह मंच बनाकर भव्य पुष्पवर्षा की गई। शोभायात्रा में सजे-धजे रथ पर विराजमान गौ माता के विग्रह का नगर में जगह-जगह श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन और आरती की गई। इस भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में माताएं, बहनें पारंपरिक वेशभूषा में मंगल कलश धारण किए हुए और गौ भक्त भजनों पर झूमते हुए शामिल हुए।
​सिद्ध रुद्राक्ष वितरण और ‘राष्ट्र माता’ आंदोलन का आह्वान
​समापन सत्र के बाद पूज्य गुरुदेव द्वारा खेड़ापति हनुमान मंदिर प्रांगण में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को सिद्ध रुद्राक्ष का प्रसाद स्वरूप वितरण किया गया। ​गौ कथा समिति द्वारा इस अवसर पर ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत एक बड़ा संकल्प लिया गया। गुरुदेव ने आह्वान किया कि गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने के लिए देशव्यापी मांग को तेज करना होगा। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा हस्ताक्षर करवाकर आगामी 27 जुलाई को रतलाम जिला केंद्र पर एक विशाल ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें नामली से अधिक से अधिक संख्या में गौ भक्तों को शामिल होने का निर्देश दिया गया है।
​कार्यक्रम के सफल आयोजन पर गौ कथा समिति के सदस्यों ने नामली नगर के सभी धर्मप्रेमी समाज, सहयोगियों और गौ भक्तों का हृदय से आभार व कृतज्ञता व्यक्त की।

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