छतरपुर। पुलिस दर्पण
छतरपुर। जिले की जनपद पंचायत गढ़ीमलहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत गहवरा में स्थित एक ऐतिहासिक एवं सार्वजनिक तालाब का कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पट्टा जारी किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पट्टा तत्काल निरस्त करने तथा तालाब को पुनः सार्वजनिक उपयोग के लिए मुक्त कराने की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत गहवरा के खसरा नंबर 3427 स्थित प्राचीन बड़ा तालाब (पड़रिया तालाब) गांव का प्रमुख सार्वजनिक जलस्रोत है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जय भीम मछली पालन स्व-सहायता समूह के नाम 10 वर्षों के लिए तालाब का पट्टा प्राप्त कर लिया। उनका आरोप है कि पट्टा जारी करने की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया तथा आवश्यक अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण-पत्र भी नहीं लिए गए।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि संबंधित समूह में अधिकांश सदस्य बीपीएल श्रेणी के नहीं हैं, जबकि नियमानुसार प्राथमिकता बीपीएल परिवारों को मिलनी चाहिए। साथ ही आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायत, राजस्व अधिकारियों एवं संबंधित विभागों की विधिवत स्वीकृति के बिना प्रक्रिया पूरी की गई। ग्रामीणों के अनुसार यह तालाब वर्षों से पेयजल, पशुओं के उपयोग, सिंचाई तथा स्थानीय आजीविका का प्रमुख स्रोत रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा विवादित पट्टा निरस्त करने की मांग की है।

