पांच दिवसीय श्री अखंड रामायण पाठ का हुआ भव्य समापन, सैकड़ों समाजजनों ने हर्षोल्लास से लिया हिस्सा
नामली/ पुलिस दर्पण
नामली। श्री सूर्यवंशी कुमावत समाज के आराध्य भगवान श्री चारभुजा नाथ मंदिर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी पांच दिवसीय श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ (श्री अखण्ड रामायण पाठ) का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता के साथ किया गया। आयोजन के अंतिम दिन निकली भव्य कलश एवं शोभायात्रा ने पूरे नामली नगर को रामभक्ति के रंग में रंग दिया। सैकड़ों समाजजन उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए।
गंगाजल बावड़ी से गंगाजल लेकर निकली कलश यात्रा
पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के समापन अवसर पर सुबह से ही समाजजनों में खासा उत्साह दिखाई दिया। गंगाजल बावड़ी से गंगाजल भरकर महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। यात्रा श्री चारभुजा नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर नीम चौक, होली चौक, सर्राफा मंदिर गली, पैलेस रोड और चौपड़ चौराहा होते हुए पुनः मंदिर पहुंची। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, बालिकाएं और समाजजन शामिल हुए। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। धार्मिक धुनों और जयकारों से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
डीजे-ढोल की थाप पर जमकर थिरके समाजजन
शोभायात्रा में डीजे और ढोल की थाप पर समाजजनों का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाएं और बालिकाएं धार्मिक गीतों पर थिरकती नजर आईं। युवाओं में भी खासा उत्साह रहा। पारंपरिक धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक उत्साह का संगम शोभायात्रा को आकर्षक बना रहा था। यात्रा मार्ग में समाजजनों ने भगवान श्रीराम और श्री चारभुजा नाथ के जयकारे लगाए। इससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
पांच दिनों तक गूंजा श्री रामचरितमानस का पाठ
आयोजन के दौरान पांच दिनों तक श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ (श्री अखण्ड रामायण)श्रद्धापूर्वक किया गया। समाजजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्री रामचरितमानस के पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। अंतिम दिन विधि-विधान के साथ पाठ का समापन किया गया। धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाजजनों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और संस्कारों को जीवन में अपनाने का संदेश भी दिया।
प्रतिष्ठान रहे बंद,नामली में दिखी समाज की एकजुटता
आयोजन को लेकर कुमावत समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही समाजजनों के अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे। नामली में कुमावत समाज के बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं, जिसके चलते धार्मिक आयोजन के दौरान नगर में कुछ समय के लिए नामली बंद जैसा माहौल दिखाई दिया। व्यापार-व्यवसाय से जुड़े समाजजनों ने भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। इससे समाज की धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का भी प्रभावशाली संदेश सामने आया।
भक्ति,आस्था और सामाजिक एकता का बना यादगार संगम
पांच दिवसीय श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ के समापन पर निकली कलश एवं शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने समाज की एकता, परंपरा और सामूहिक सहभागिता का भी परिचय दिया। सैकड़ों समाजजनों की मौजूदगी और महिलाओं-बालिकाओं के उत्साह ने आयोजन को विशेष बना दिया। नामली में दिनभर धार्मिक उल्लास का माहौल रहा और श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ के सफल आयोजन के साथ समाजजनों ने श्रद्धा एवं भक्ति से इस धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

