धार से आते थे चोर, दिन में करते थे रेकी और रात में सूने मकानों पर धावा! सारणी पुलिस ने अंतर-जिला गिरोह का किया पर्दाफाश

देवी नाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण दक्षिण मध्य प्रदेश

बैतूल/सारणी। सारणी पुलिस ने अंतर-जिला चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त वाहन, नगदी और मोबाइल फोन बरामद किया है। पूछताछ में सारणी थाना क्षेत्र में हुई तीन नकबजनी की वारदातों का खुलासा हुआ है। गिरोह के अन्य पांच सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य धार जिले के टांडा क्षेत्र से बैतूल सहित अन्य जिलों में चोरी करने आते थे। दिन के समय क्षेत्र में घूमकर सूने मकानों की रेकी की जाती थी और रात में ताले तोड़कर वारदात को अंजाम दिया जाता था। चोरी के बाद आरोपी तत्काल क्षेत्र छोड़ देते थे।

तीन सूने मकानों को बनाया निशाना

सारणी थाना क्षेत्र में 2 अगस्त की रात सतपुड़ा कॉलोनी, पाथाखेड़ा में संजय शर्मा के सूने मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और 35 हजार रुपये नगद चोरी किए गए। इसी रात दयालाल मेहरा के मकान को भी निशाना बनाया गया, जहां से आभूषण और 3 हजार रुपये नगद चोरी हुए।

इसके बाद 9 अगस्त को रेस्क्यू कॉलोनी, पाथाखेड़ा में राहुल धुर्वे के मकान में चोरी की गई। यहां से मंगलसूत्र, सोने के कान के टॉप्स और सोनाटा घड़ी सहित करीब 95 हजार रुपये का माल चोरी होना बताया गया।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस पहुंची आरोपी तक

लगातार हुई चोरी की घटनाओं को पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में पुलिस ने घटनास्थलों की बारीकी से जांच की।

सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी ने डॉग एस्कॉर्ट के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी कड़ी में मनीष पिता ठाकुर सिंह वसूनिया, उम्र 23 वर्ष, निवासी धार को 10 अगस्त को धार जिले से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में खुला गिरोह का राज

पूछताछ में मनीष ने अपने पांच साथियों के साथ चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक गिरोह में दिनेश वसूनिया, मानसिंह उर्फ मान्या उर्फ मनु, सुरपसिंह मोहनिया, रेवसिंह मोहनिया और छगन वसूनिया शामिल हैं। आरोपी MP-13-ZS-4936 वाहन से चोरी के लिए बैतूल आते थे।

पुलिस को पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि इसी दौरान गिरोह द्वारा मुलताई क्षेत्र के खाटू श्याम मंदिर की दान पेटी, छिंदवाड़ा के तामिया थाना क्षेत्र और सिवनी जिले में भी चोरी की वारदातें की गईं। इन घटनाओं के संबंध में पुलिस जांच कर रही है।

2017 की मुलताई और 2021 की बड़वानी डकैती से भी जुड़ा गिरोह

पुलिस जांच में गिरोह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार टांडा, धार जिले की इसी गैंग द्वारा वर्ष 2017 में मुलताई में डकैती की घटना को अंजाम देने तथा वर्ष 2021 में बड़वानी में बड़ी डकैती की वारदात किए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित जिलों से आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।

दो आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम

गिरोह के मुख्य आरोपी बताए जा रहे मानसिंह उर्फ मान्या उर्फ मनु तथा फरार आरोपी दिनेश वसूनिया की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक बैतूल द्वारा 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार

गिरोह का पर्दाफाश कर तीन चोरी की वारदातों का खुलासा करने और आरोपी मनीष को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसपी वीरेन्द्र जैन ने 10 हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सारणी निरीक्षक जयपाल इनवाती, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक मनोज उईके, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक मोहित भाटी एवं रवि मोहन तथा साइबर सेल के राजेन्द्र धाडसे, बलराम राजपूत और सचिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सारणी पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि जिले में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले बाहरी गिरोह अब पुलिस की तकनीकी निगरानी से बच नहीं पा रहे हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और अन्य जिलों की वारदातों से गिरोह के तार जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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