रतलाम। पुलिस दर्पण
रतलाम। जिले के नवागत कलेक्टर अजय कटेसरिया की कार्यशैली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। पदभार संभालने के बाद से वे सरकारी प्रोटोकॉल और औपचारिकताओं से अलग हटकर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का आकलन कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार रात उन्होंने बिना सरकारी वाहन, बिना सुरक्षा गार्ड और बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी निजी कार स्वयं चलाकर शासकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचकर सभी को चौंका दिया।
रात करीब 9 बजे कलेक्टर सामान्य टी-शर्ट और लोअर पहनकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उनके साथ एसडीएम तरुण जैन भी मौजूद थे। करीब एक घंटे तक उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया, लेकिन मेडिकल कॉलेज की डीन, डॉक्टरों और अधिकांश स्टाफ को इस बात की जानकारी तक नहीं लगी कि निरीक्षण करने वाले व्यक्ति जिले के कलेक्टर हैं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नेत्र रोग, बाल एवं शिशु रोग सहित कई वार्डों का दौरा किया। उन्होंने भर्ती मरीजों की स्थिति देखी, स्टाफ नर्सों से उपचार व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को होने वाली परेशानियों की जानकारी ली। साथ ही यह भी जाना कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ स्टाफ का व्यवहार कैसा रहता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अधिकांश स्टाफ ने उन्हें एक सामान्य नागरिक समझकर अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी साझा की। कलेक्टर ने बिना किसी औपचारिकता के वास्तविक स्थिति का आकलन करने का प्रयास किया ताकि व्यवस्थाओं की सही तस्वीर सामने आ सके।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी कलेक्टर अजय कटेसरिया अपनी निजी कार स्वयं चलाकर शहर के दो बत्ती चौराहे पहुंचे थे। वहां उन्होंने आम नागरिकों के बीच समय बिताया, चाट का स्वाद लिया और लोगों से अनौपचारिक बातचीत कर शहर की समस्याओं व व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर अजय कटेसरिया की यह सहज, सादगीपूर्ण और जमीनी कार्यशैली अब शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। आम नागरिक इसे प्रशासन की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली की दिशा में सकारात्मक पहल मान रहे हैं, वहीं प्रशासनिक हलकों में भी उनके अचानक निरीक्षणों से व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

