तस्करों, इनामी बदमाशों और अंतर्राज्यीय गिरोहों पर संयुक्त पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान।
परतवाड़ा में हुई हाईलेवल समन्वय बैठक, ड्रग्स, अवैध शराब, गौतस्करी और फरार अपराधियों पर संयुक्त अभियान चलाने का फैसला
बैतूल | पुलिस दर्पण
देवीनाथ लोखंडे
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर सक्रिय अपराधियों के खिलाफ अब दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते अंतर्राज्यीय अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से शनिवार को महाराष्ट्र के परतवाड़ा में दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बॉर्डर समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराधियों के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करते हुए ड्रग तस्करी, अवैध शराब, गौतस्करी, इनामी अपराधियों और संगठित गिरोहों पर मिलकर कार्रवाई करने का बड़ा फैसला लिया गया।
बैठक का नेतृत्व बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन (भा.पु.से.) ने किया। इसमें अमरावती परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक डॉ. महेश पाटिल, नर्मदापुरम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक वीरेन्द्र सिंह तोमर, अमरावती (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम, पांढुर्णा पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार, अपर पुलिस अधीक्षक अमरावती (ग्रामीण) दत्ता तोटेवाड, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर प्रदीप कुमार शेंडे, एसडीओपी धारणी माधवराव गरूड, एसडीओपी भैंसदेही भूपेन्द्र सिंह मौर्य सहित दोनों राज्यों के सीमावर्ती थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। अधिकारियों ने फरार और इनामी अपराधियों, स्थायी वारंटियों, गिरफ्तारी वारंटियों तथा अंतर्राज्यीय अपराधियों की सूची और संपर्क विवरण साझा किए। साथ ही यह तय किया गया कि भविष्य में किसी भी अपराध की सूचना तत्काल साझा कर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले
मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री में शामिल आरोपियों पर संयुक्त सख्त कार्रवाई।
सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित संयुक्त वाहन चेकिंग अभियान।
गौवंश एवं अन्य पशुओं के अवैध परिवहन पर समन्वित कार्रवाई।
अंतर्राज्यीय अवैध शराब कारोबारियों पर विशेष निगरानी।
फरार और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संयुक्त अभियान।
नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्य ले जाने वाले मामलों में त्वरित समन्वय और कठोर कानूनी कार्रवाई।
चोरी, लूट, अवैध परिवहन और संगठित अपराधों पर लगातार संयुक्त निगरानी।
बैठक के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच नियमित सूचना आदान-प्रदान, संयुक्त ऑपरेशन और समन्वय को लगातार जारी रखा जाएगा। इस पहल से एमपी–महाराष्ट्र सीमा पर सक्रिय अपराधियों के लिए बच निकलना अब पहले की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल होगा।

