मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए छोटे भूखंड विकसित करेगा बीडीए, बोर्ड बैठक में 17 प्रस्तावों पर मंथन

भोपाल। पुलिस दर्पण

भोपाल। मध्यमवर्गीय परिवारों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) अब बड़े भूखंडों को छोटे आकार में विकसित करने की दिशा में काम करेगा। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अपेक्षाकृत किफायती आकार के भूखंड उपलब्ध हो सकेंगे।

संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को बीडीए कार्यालय सभागार में प्राधिकरण की बोर्ड बैठक आयोजित हुई। बैठक में बीडीए के सीईओ श्यामबीर सिंह, बोर्ड सदस्य, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में प्राधिकरण की विकास योजनाओं से जुड़े 17 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए छोटे भूखंड विकसित करने, विभिन्न योजनाओं में खाली पड़े भूखंडों एवं भवनों के मूल्यांकन और विक्रय तथा अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने जैसे विषय प्रमुख रहे।

बड़े भूखंडों को छोटे आकार में विकसित करने पर जोर

नगर विकास योजना क्रमांक 201/2020 के अंतर्गत 45 मीटर मास्टर प्लान रोड पर स्थित बड़े भूखंडों को छोटे आकार में परिवर्तित करने के प्रस्ताव पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि छोटे आकार के भूखंड उपलब्ध होने से मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए प्लॉट खरीदना आसान हो सकता है।

मिसरोद सहित कई योजनाओं में बदलाव पर चर्चा

बैठक में सरदार वल्लभ भाई पटेल नगर विकास योजना, मिसरोद चरण-1 और मिसरोद चरण-2 के स्वीकृत अभिन्यास में संशोधन के प्रस्तावों पर विचार किया गया। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद आवासीय परिसर, कटारा हिल्स में स्कूल भूखंड के भू-उपयोग परिवर्तन तथा रिक्त आवासीय सिंगल एक्स और डुप्लेक्स भवनों के मूल्यांकन एवं विक्रय की अनुमति संबंधी प्रस्ताव भी चर्चा में रहे।

एयरपोर्ट सिटी चरण-1 में रिक्त आवासीय, व्यावसायिक एवं पीएसपी भूखंडों के साथ 47 डुप्लेक्स भवनों के मूल्यांकन और विक्रय की अनुमति पर भी विचार किया गया। एमजी-रूसिया नगर योजना में रिक्त एचआईजी डुप्लेक्स के मूल्यांकन एवं विक्रय का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल था।

एआई सिटी योजना पर भी चर्चा

बैठक में 6 जुलाई 2026 को हुई पिछली बोर्ड बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई। इसके साथ ही भोपाल विकास प्राधिकरण की नॉलेज एवं एआई सिटी योजना की प्रशासकीय स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

ग्राम सलैया में 132/33 केवी अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र के लिए लाइन की बढ़ी लागत और अतिरिक्त पर्यवेक्षण शुल्क का विषय भी बोर्ड के समक्ष रखा गया।

एरोसिटी में ₹305 करोड़ के डिपॉजिट वर्क को मंजूरी

एयरपोर्ट सिटी चरण-2 में नीलामी के माध्यम से विक्रय किए गए तीन भूखंडों के आवंटन पर भी चर्चा हुई। वहीं मिसरोद, बर्रई, बागली और जाटखेड़ी क्षेत्र में स्थित भूखंड क्रमांक एम-73 को चार भागों में विभाजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।

बैठक में एरोसिटी चरण-1 योजना में ग्रिड कंट्रोल ऑफ इंडिया के डिपॉजिट वर्क के लिए ₹305 करोड़ की स्वीकृति भी दी गई। इसके तहत WRLDC के कंट्रोल सेंटर का निर्माण किया जाएगा।

बोर्ड बैठक में आवासीय विकास, उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग, छोटे भूखंडों की उपलब्धता, अधोसंरचना विस्तार और बीडीए की विभिन्न योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!