‘क्यों’ का जवाब स्पष्ट होगा तो मोटिवेशन अपने आप आएगा : कलेक्टर डॉ. सोनवणे
पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर तलाशने की दी सलाह
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण दक्षिण मध्यप्रदेश
बैतूल, 21 अगस्त 2026। आमला के सिटी मैरिज लॉन में शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से ‘युवा संवाद—सपने, संवाद और सफलता’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे एवं कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उनकी करियर संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों, कॉलेज विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में युवाओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, जनपद अध्यक्ष गणेश यादव, उपाध्यक्ष किशन रघुवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, एसडीएम कामिनी ठाकुर, सीएमओ नितिन बिजवे एवं तहसीलदार रिचा कौरव ने मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रतिभा और संकल्प के आगे आर्थिक परिस्थितियां नहीं बनेंगी बाधा
विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रतिभा, मेहनत और आगे बढ़ने का संकल्प हो तो आर्थिक कठिनाइयां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। सरकार प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा पहचानने, बड़े सपने देखने और निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए किसी एक पारंपरिक क्षेत्र तक सीमित रहना जरूरी नहीं है। रुचि, क्षमता, मेहनत और समाज के प्रति जिम्मेदारी के साथ युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकते हैं।
‘क्यों’ स्पष्ट होगा तो मोटिवेशन अपने आप आएगा
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में यह स्पष्ट होना बहुत जरूरी है कि हम जो करना चाहते हैं, वह ‘क्यों’ करना चाहते हैं। यदि इस सवाल का जवाब स्पष्ट है तो आगे बढ़ने का मोटिवेशन अपने आप आता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी क्षमताओं और रुचियों को पहचानकर निरंतर सीखते रहना चाहिए। विल पावर और डिटरमिनेशन व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत देते हैं। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय अपनी गलतियों का विश्लेषण कर नए उत्साह के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए।
कलेक्टर ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवाओं को अपनी स्किल्स को समय के अनुरूप विकसित करना होगा, ताकि भविष्य में रोजगार और करियर के बदलते अवसरों का लाभ उठाया जा सके।
पारंपरिक सोच से आगे बढ़ाएं सपनों का दायरा
कलेक्टर ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और युवाओं के सामने अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी के माध्यम से आज घर बैठे ज्ञान और कौशल हासिल किया जा सकता है। इसलिए युवाओं को केवल डॉक्टर, इंजीनियर या सरकारी नौकरी जैसे पारंपरिक विकल्पों तक सीमित रहने के बजाय अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप नए क्षेत्रों की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को परिवार की अपेक्षाओं, दूसरों से मिलने वाली जानकारी और अपनी स्वयं की रुचि एवं इच्छा—इन तीनों पहलुओं को समझकर करियर का निर्णय लेने की सलाह दी। उन्होंने अरुणिमा सिन्हा और सचिन तेंदुलकर के उदाहरण देते हुए कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानने का संदेश दिया।
कलेक्टर ने कहा कि हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी है। युवाओं को प्रॉब्लम सॉल्विंग एप्रोच, सहनशीलता और निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता की परिभाषा, उनके रोल मॉडल और यूपीएससी की तैयारी सहित विभिन्न विषयों पर संवाद किया।
डिग्री के साथ स्किल्स पर फोकस जरूरी
जिला ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अंकिता सीते ने विद्यार्थियों को लक्ष्य के साथ प्लान-ए और प्लान-बी तैयार रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। डिग्री के साथ कम्युनिकेशन, डिजिटल स्किल, प्रॉब्लम सॉल्विंग, टाइम मैनेजमेंट, क्रिएटिविटी और लर्निंग स्किल विकसित करना भी जरूरी है।
सवाल विद्यार्थियों के, समाधान विशेषज्ञों के
कार्यक्रम के इंटरैक्शन सेशन में विद्यार्थियों ने करियर, नौकरी, आर्थिक स्थिरता और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े सवाल पूछे। यूनिवर्सल हायर सेकंडरी स्कूल की छात्रा रिधा ने नौकरी को लेकर अपनी प्राथमिकता साझा की, जबकि मोहित साहू ने आर्थिक स्थिरता के साथ स्किल डेवलपमेंट में रुचि बताई।
विद्यार्थियों को करियर के मिथ एंड रियलिटी, करियर डेवलपमेंट साइकिल तथा अपनी रुचि और क्षमता के आधार पर सही विकल्प चुनने के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।
एआई और नई तकनीक में रोजगार की संभावनाएं
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार की नई संभावनाओं से परिचित कराया। पॉलीटेक्निक बैतूल के व्याख्याता एस.के. डेंडरिया ने तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। लंदन में विशेष बच्चों के लिए कार्यरत आमला की शशि महाजन ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
ई-गवर्नेंस प्रबंधक विवेक सूर्यवंशी ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व तथा भविष्य के अवसरों की जानकारी दी। प्रो. लोकेश झरबड़े ने विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में करियर की संभावनाएं बताईं। डॉ. राजेंद्र गिरी गोस्वामी ने कॉमर्स क्षेत्र के विकल्पों तथा डॉ. शंकर सातनकर ने कला एवं अर्थशास्त्र से जुड़े करियर अवसरों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को टेक्नोलॉजी एवं एआई टूल्स का प्रशिक्षण भी दिया गया। वहीं आमला विधानसभा क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम ने युवाओं को बड़े सपने देखने, अपनी रुचि और क्षमता पहचानने, पारंपरिक सोच से आगे बढ़ने तथा सपनों को स्पष्ट लक्ष्य में बदलकर निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।

