रतलाम में शातिर अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़

72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका को झांसा देकर लूटे थे सोने के आभूषण, यूपी से दबोचा आरोपी – सुनार भी गिरफ्तार, 3.10 लाख का गला हुआ सोना बरामद।

रतलाम | पुलिस दर्पण (पत्रिका)

रतलाम की स्टेशन रोड थाना पुलिस ने सूझबूझ, तकनीकी जांच और अंतरराज्यीय समन्वय का शानदार उदाहरण पेश करते हुए बुजुर्ग महिला को झांसा देकर लाखों रुपये के सोने के आभूषण ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने उत्तरप्रदेश से गिरोह के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया, वहीं चोरी के आभूषण खरीदकर गलाने वाले सुनार को भी गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 3.10 लाख रुपये मूल्य का गला हुआ सोना बरामद किया है। गिरोह का एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के पर्यवेक्षण में स्टेशन रोड थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्रसिंह जादौन के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दी।

बुजुर्ग महिला को सुरक्षा का झांसा देकर उड़ाए लाखों के जेवर।

घटना 7 जून 2026 की है। 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका मोहिनी रायचंदानी गुरुद्वारा जा रही थीं। इसी दौरान दो युवकों ने उन्हें रोककर कहा कि क्षेत्र में चोर सक्रिय हैं और सोने के आभूषण पहनकर चलना सुरक्षित नहीं है। दोनों की बातों में आकर महिला ने अपनी सोने की पाटली और मंगलसूत्र उतारकर बैग में रख लिया।

कुछ दूरी पर आरोपियों ने फिर महिला को बातचीत में उलझाया और बैग सुरक्षित रखने का भरोसा देकर बैग अपने कब्जे में ले लिया। मौका मिलते ही दोनों आरोपी बैग लेकर फरार हो गए। बैग में सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और करीब दो हजार रुपये नकद भी रखे थे।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच बनी सफलता की कुंजी।

घटना के बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्धों के फोटो और वीडियो विभिन्न जिलों एवं राज्यों की पुलिस से साझा किए गए। तकनीकी विश्लेषण और अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय के आधार पर आरोपियों की पहचान युसुफ उर्फ मोटा निवासी मेरठ (उत्तरप्रदेश) तथा नोशाद शाह निवासी ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के रूप में हुई।

उत्तरप्रदेश से दबोचा शातिर, पूछताछ में उगले राज।

लगातार तलाश के बाद पुलिस टीम ने उत्तरप्रदेश के श्रावस्ती जिले में दबिश देकर आरोपी युसुफ उर्फ मोटा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी नोशाद शाह के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। आरोपी ने खुलासा किया कि ठगी के सोने के आभूषण उत्तरप्रदेश के अमरोहा में एक सुनार को बेच दिए थे।

आभूषण गलाने वाला सुनार भी गिरफ्तार।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अमरोहा निवासी दिवाकर वर्मा को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि उसने ठगी के आभूषण खरीदकर उन्हें गला दिया था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 3.10 लाख रुपये मूल्य का गला हुआ सोना बरामद किया। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बीएनएस की धारा 317(2) भी प्रकरण में जोड़ी गई है।

एक आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर।

गिरोह का दूसरा सदस्य नोशाद शाह निवासी गूलरभोज, जिला ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने।

गिरफ्तार आरोपी युसुफ उर्फ मोटा के विरुद्ध रतलाम के अलावा उत्तरप्रदेश के श्रावस्ती जिले में आर्म्स एक्ट के तहत भी प्रकरण दर्ज होना सामने आया है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है।

इन पुलिस जवानों की मेहनत लाई रंग।

पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्रसिंह जादौन, एएसआई प्रकाश डावर, प्रधान आरक्षक जितेंद्र बघेल, आरक्षक लोकेन्द्र सोनी, अनिल सोलंकी तथा जितेंद्र चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों से अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका।

पुलिस दर्पण विशेष।

रतलाम पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि तकनीक, सतर्कता और अंतरराज्यीय समन्वय के दम पर कानून के लंबे हाथ अब सीमाओं से भी आगे तक पहुंच रहे हैं। बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले शातिर ठग चाहे कितनी भी चालाकी दिखाएं, पुलिस की पैनी नजर से बच पाना अब आसान नहीं है।

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