सो रहे युवक पर बसुले से किया वार, चिचोली पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई हत्या की गुत्थी
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश बैतूल
बैतूल/चिचोली। जिले के चिचोली थाना क्षेत्र के ग्राम दुधिया में युवक पवन गंजाम की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर अंधे कत्ल का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो अपचारी बालकों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक विवेचना के अनुसार, प्रेम प्रसंग को लेकर पूर्व में हुए विवाद के चलते हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने कथित रूप से रात में सो रहे पवन पर बसुले से वार कर उसके गले पर गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रेम प्रसंग का विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, घटना 25 अक्टूबर 2026 की रात ग्राम दुधिया में हुई। युवक पवन गंजाम की हत्या की सूचना मिलते ही चिचोली थाना प्रभारी निरीक्षक हरिओम पटेल पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मामले में अपराध क्रमांक 410/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान सामने आया कि प्रेम प्रसंग को लेकर पूर्व में विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते हत्या की योजना बनाई गई। 25 अक्टूबर की रात करीब एक बजे शिवदास गंजाम, जितेन्द्र वरकड़े और दो अपचारी बालकों ने कथित तौर पर मिलकर सो रहे पवन पर बसुले से हमला किया। गले पर गंभीर चोट लगने के कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
वैज्ञानिक साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार और एसडीओपी शाहपुर अर्चना शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। एफएसएस अधिकारी ऋषिकेश यादव और सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। आवश्यक फोटोग्राफी और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय चिकित्सालय चिचोली भेजा गया।
पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और संदेहियों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ीं। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
हत्या की गुत्थी सुलझाने में एसडीओपी शाहपुर अर्चना शर्मा, थाना प्रभारी निरीक्षक हरिओम पटेल, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक मुजफ्फर हुसैन, दिलीप यादव, नरेंद्र उइके, गजेंद्र भदौरिया सहित पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विवाद या आपसी मतभेद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। विवादों का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से करें। उन्होंने कहा कि क्रोध और आवेश में उठाया गया गलत कदम किसी की जान लेने के साथ पूरे परिवार को प्रभावित कर सकता है। किसी भी गंभीर विवाद की स्थिति में पुलिस की सहायता लें।

