शिक्षा विभाग में ‘बर्थडे कांड’! बैठक की आड़ में केक कटा, स्कूलों पर लटके ताले, बच्चे लौटे मायूस

“स्कूल चलें हम” या “बर्थडे मनाएं हम”? घोड़ाडोंगरी शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल

संवाददाता बैतूल देवींनाथ लोखंडे

बैतूल (सारणी)। घोड़ाडोंगरी विकासखंड के जन शिक्षा केंद्र सारणी से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि शासकीय समय में “आवश्यक बैठक” के नाम पर शिक्षकों को मुख्यालय बुलाकर सीएसी का जन्मदिन मनाया गया, जबकि दूसरी ओर कई एकल शिक्षक वाली प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं पर ताले लटके रहे और पढ़ने पहुंचे मासूम बच्चे बिना पढ़ाई किए वापस घर लौट गए।

यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल विभागीय लापरवाही नहीं बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जा सकता है।

बैठक के नाम पर बर्थडे पार्टी!

जानकारी के अनुसार 08 जुलाई 2026 को जन शिक्षा केंद्र सारणी की प्रभारी प्राचार्या सरिता झाड़बड़े द्वारा आवश्यक बैठक के नाम पर क्लस्टर के शिक्षकों को शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारणी बुलाया गया। आरोप है कि बैठक के बजाय वहां सीएसी का जन्मदिन मनाया गया और केक काटा गया। इस कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल बताई जा रही हैं।

स्कूलों पर ताले, बच्चों के हाथ लगी मायूसी

सबसे अधिक प्रभावित वे ग्रामीण स्कूल बताए जा रहे हैं जहां केवल एक ही शिक्षक पदस्थ हैं। शिक्षक बैठक में चले गए तो स्कूल बंद हो गए। कई गांवों में बच्चे और उनके अभिभावक स्कूल पहुंचे, लेकिन मुख्य द्वार पर ताला देखकर उन्हें वापस लौटना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जहां शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर बच्चों का पूरा शैक्षणिक दिवस बर्बाद कर दिया गया।

ई-अटेंडेंस के दौर में अनुशासन पर सवाल

प्रदेश में जुलाई 2026 से ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से जीपीएस आधारित ई-अटेंडेंस लागू है। विभाग लगातार अनुशासन और नियमित उपस्थिति पर जोर दे रहा है। ऐसे समय में यदि शासकीय समय में व्यक्तिगत आयोजन के लिए स्कूलों का संचालन प्रभावित हुआ है, तो यह विभागीय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

सूचना पटल भी बयां कर रहा लापरवाही की कहानी

आरोप यह भी है कि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारणी का सूचना पटल लंबे समय से अद्यतन नहीं किया गया है और उस पर 10 जून 2026 की सूचना ही प्रदर्शित है। इससे कार्यालयीन व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जांच और कार्रवाई की मांग तेज

ग्रामीणों और पालकों ने डीईओ बैतूल तथा कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित सीएसी एवं प्रभारी प्राचार्या के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

अधिकारियों का पक्ष

इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं बीआरसीसी से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि दोनों अधिकारी कलेक्टर की बैठक में व्यस्त हैं। उनका पक्ष प्राप्त होते ही प्रकाशित किया जाएगा।

बड़ा सवाल…

यदि बच्चों की पढ़ाई छोड़कर सरकारी समय में जन्मदिन मनाया गया, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या शिक्षा विभाग अपने ही अनुशासनात्मक नियमों का पालन कराएगा या मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

शेष अगले अंक में

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