‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान को मिली नई ऊर्जा, युवाओं को दिया संदेश—”सपनों को चुनिए, नशे को नहीं।”
भोपाल | पुलिस दर्पण
भोपाल । नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में एक प्रेरणादायक अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में सुश्री शायनी डी रायडर ने अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए 322 दिनों में 32,000 किलोमीटर की लंबी यात्रा पूरी कर युवाओं के बीच नशे के खिलाफ एक सशक्त जनजागरण अभियान खड़ा किया है।
देश के विभिन्न राज्यों और शहरों का भ्रमण करते हुए शायनी डी रायडर लगातार लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करा रही हैं। उनका संदेश बेहद स्पष्ट और प्रेरक है—”सपनों को चुनिए, नशे को नहीं।”
यह अभियान ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ के उद्देश्य को नई गति प्रदान कर रहा है। अभियान का लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें शिक्षा, खेल, कौशल और सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है, ताकि समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।
पुलिस एवं सामाजिक संगठनों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनआंदोलन से जुड़ें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। एक जागरूक नागरिक का छोटा-सा प्रयास भी नशामुक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। संदेश स्पष्ट है—आइए, ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान से जुड़ें और स्वस्थ, सुरक्षित व नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लें।

