10वीं के छात्र को जान से मारने की धमकी देकर ऐंठे रुपए और सोने के जेवर, सैलाना पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, तीसरा फरार
रतलाम / पुलिस दर्पण
जिले की सैलाना पुलिस ने कक्षा 10वीं के एक छात्र को जान से मारने की धमकी देकर उससे नकदी और सोने के आभूषण हड़पने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले का एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार जुटी हुई है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो एवं सैलाना एसडीओपी श्रीमती नीलम बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पिंकी आकाश के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आदित्य पिता राजेन्द्र सिंह सिसोदिया निवासी मोती बंगला, सैलाना एवं अंकलेश पिता जुझारसिंह मोगिया निवासी गीता भवन, सैलाना को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार 26 जून 2026 को एक नाबालिग छात्र ने सैलाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पहचान आदित्य सिसोदिया और अंकलेश मोगिया से हुई थी। दोनों ने पहले उससे दोस्ती की और बाद में समय-समय पर ₹500, ₹1000 सहित नकदी की मांग करने लगे। रुपए देने से मना करने पर आरोपियों ने छात्र एवं उसके पिता की हत्या करने तथा रास्ते में गंभीर घटना करने की धमकी दी।
लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत छात्र ने अपने घर से तीन सोने की अंगूठियां और एक जोड़ी सोने के कान के आभूषण निकालकर आरोपियों को दे दिए। बाद में परिजनों द्वारा पूछताछ किए जाने पर छात्र ने पूरी घटना बताई।
शिकायत के आधार पर थाना सैलाना में अपराध क्रमांक 228/2026 अंतर्गत धारा 308(5), 351(3) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने हर्ष उर्फ हर्षवर्धन गुर्जर निवासी सकरावदा के साथ मिलकर छात्र को धमकाकर रुपए एवं स्वर्ण आभूषण लेने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि आभूषण आदित्य के खेत पर बने कमरे में छिपाकर रखे गए हैं, जिनकी बरामदगी की कार्रवाई जारी है।
मामले में तीसरा आरोपी हर्ष उर्फ हर्षवर्धन पिता मांगीलाल गुर्जर निवासी सकरावदा, थाना सैलाना, जिला रतलाम फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। साथ ही प्रकरण में अन्य तथ्यों एवं संभावित संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पिंकी आकाश, उपनिरीक्षक शीना खान, संदीप भदौरिया, फकीर चंद सोलंकी (थाना नामली), तूफान भुरिया, सूर्यप्रसाद, विजय मोहनिया, भारत अलावा, मुरली कटारिया एवं संदीप परमार की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।

