परंपरागत खेती छोड़ अपनाई ड्रैगन फ्रूट की खेती, बढ़ी आय की उम्मीद

बीना के किसान वीरेंद्र रघुवंशी लिख रहे सफलता की नई कहानी।

डेढ़ एकड़ में आधुनिक तकनीक से तैयार किया ड्रैगन फ्रूट का बगीचा, कृषि विभाग के मार्गदर्शन से बढ़ी आय की उम्मीद।

सागर / पुलिस दर्पण

सागर जिले के बीना विकासखंड के ग्राम मंडी बमोरा के प्रगतिशील किसान श्री वीरेंद्र रघुवंशी (हल्के) ने परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए आधुनिक कृषि की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम उठाया है। उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ भूमि में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू कर क्षेत्र के किसानों के सामने नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं।

यह खेती कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में की जा रही है। विकासखंड बीना के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अवधेश राय के सतत सहयोग से खेत की तैयारी, पौधरोपण, ड्रिप सिंचाई, पोषण प्रबंधन तथा पौधों की देखभाल वैज्ञानिक पद्धति से की जा रही है, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।

ड्रैगन फ्रूट वर्तमान समय में देश-विदेश के बाजारों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार एक एकड़ क्षेत्र से औसतन 8 से 12 टन तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इसकी बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण यह फसल किसानों के लिए परंपरागत खेती की तुलना में अधिक लाभकारी साबित हो रही है। शुरुआती लागत अपेक्षाकृत अधिक होने के बावजूद एक बार बगीचा तैयार होने पर कई वर्षों तक लगातार उत्पादन मिलता है, जिससे किसानों को स्थायी आय का मजबूत स्रोत प्राप्त होता है।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अवधेश राय ने बताया कि विकासखंड बीना में किसानों को समय-समय पर नई लाभकारी फसलों, औषधीय पौधों और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण एवं तकनीकी सलाह दी जा रही है, ताकि किसान नवाचार अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकें।

प्रगतिशील किसान श्री वीरेंद्र रघुवंशी (हल्के) की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि वैज्ञानिक सोच, आधुनिक तकनीक और कृषि विभाग के सहयोग से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और रोजगारपरक बनाया जा सकता है। उनकी सफलता निश्चित रूप से क्षेत्र के अन्य किसानों को भी नई फसलों की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।

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