“आदिवासी किसान से कथित मारपीट पर सियासत तेज, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी”

एनएसयूआई प्रदेश सचिव पहुंचे गांव, 5 दिन में सख्त कार्रवाई की मांग।

वन विभाग के अधिकारियों पर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप, समझौते के लिए 5 लाख रुपये की पेशकश का भी दावा; पुलिस जांच जारी, वन विभाग का पक्ष आना बाकी।

संवाददाता : देवीनाथ लोखंडे | बैतूल

बैतूल । जिले के चिचोली विकासखंड के ग्राम बालाडोंगरी (वन ग्राम) में एक आदिवासी किसान के साथ वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित मारपीट और प्रताड़ना का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है। मंगलवार को एनएसयूआई प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी अपने समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद निष्पक्ष जांच तथा दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।

पीड़ित किसान अमरदास इवने का आरोप है कि 27 जून को वन विभाग के रेंजर सुधीर पवार, डिप्टी रेंजर शिवचरण बाथम और नाकेदार बलवीर सिंह उन्हें बिना उचित कारण गांव से वाहन में बैठाकर कुरसना स्थित वन कार्यालय ले गए। वहां एक कमरे में बंद कर उनके साथ मारपीट की गई। उनका कहना है कि इलाज के बहाने ले जाकर कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया और इंकार करने पर दोबारा मारपीट की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय संबंधित अधिकारी नशे की हालत में थे।

पीड़ित के भाई शंकर इवने ने दावा किया कि भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र यादव उनके पास आए और रेंजर की ओर से समझौते के लिए 5 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया, जिसे परिवार ने अस्वीकार कर दिया। वहीं, पीड़ित के पिता इमरत इवने ने बताया कि उन्होंने बैतूल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से न्याय दिलाने की मांग की।

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद हर्ष भुसारी अपने साथियों के साथ चिचोली थाना पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मामला बीजादेही थाना भेजा गया है, जहां इसकी जांच जारी है। इसके बाद हर्ष भुसारी ने एसडीओपी से दूरभाष पर चर्चा की। एसडीओपी ने पांच दिन के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हर्ष भुसारी ने कहा कि यदि वन विभाग के दोषी अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

महत्वपूर्ण: यह समाचार शिकायतकर्ता एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा मीडिया को उपलब्ध कराई गई जानकारी और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। वन विभाग तथा आरोपित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!