रतलाम के लक्ष्मणपुरा में घरेलू विवाद ने लिया खूनी मोड़, लकवाग्रस्त मां के सामने बिखर गया परिवार; पुलिस जांच में जुटी
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम । शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत लक्ष्मणपुरा में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक घरेलू विवाद ने भयावह रूप ले लिया। शराब के नशे में दो सगे भाइयों के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में खूनी संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि बड़े भाई ने कपड़े धोने की मोगरी (लकड़ी का डंडा) से छोटे भाई के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक की इंदौर में उपचार के दौरान मौत हो गई।
आधी रात का विवाद बना मौत की वजह
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मणपुरा निवासी त्रिलोकचंद महावर (40 वर्ष) और उसके छोटे भाई विमल महावर (35 वर्ष) के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों शराब के नशे में थे। विवाद बढ़ने पर बड़े भाई ने घर में रखी मोगरी उठाकर छोटे भाई के सिर पर जोरदार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से विमल लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
मेडिकल कॉलेज से इंदौर रेफर, नहीं बच सकी जान
घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मृतक के जीजा पवन महावर और स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस की मदद से घायल विमल को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने इंदौर रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान विमल ने दम तोड़ दिया।
बीमार मां का सहारा था विमल
पड़ोसियों के अनुसार, दोनों भाई अविवाहित थे और अपनी बुजुर्ग मां जमुना बाई, जो लंबे समय से लकवाग्रस्त हैं, के साथ रहते थे। दोनों कभी ढोल बजाने तो कभी पुताई का काम कर अपना गुजारा करते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि विमल स्वभाव से शांत था और अपनी बीमार मां की सेवा तथा घर की अधिकांश जिम्मेदारियां वही निभाता था।
पुलिस ने मोगरी जब्त की, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हमले में प्रयुक्त मोगरी जब्त कर ली है।
थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू विवाद में बड़े भाई द्वारा छोटे भाई पर हमला करने का है। घायल की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद चोटों की प्रकृति और मृत्यु के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल आरोपी त्रिलोकचंद महावर इंदौर में है और उसके लौटने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि शराब के नशे में लिया गया एक हिंसक फैसला पूरे परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे सकता है।

