संवाददाता बैतूल देवीनाथ लोखंडे
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस के साथ राष्ट्र रक्षा मिशन-2026 का आगाज, “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान से दिया नशामुक्ति का संदेश
बैतूल। देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरूकता से सराबोर वातावरण के बीच श्री-श्री ज्ञान मंदिर परिसर में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा राष्ट्र रक्षा मिशन-2026 का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, शिक्षकों, अतिथियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तिरंगे के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत तिरंगे के जन्मदिन के प्रतीक स्वरूप केक काटकर की गई। इस दौरान उपस्थित सभी बच्चों, अतिथियों, शिक्षकों एवं आगंतुकों के चेहरे पर तिरंगे के तीन रंग उकेरे गए, जिसने पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। रिमझिम बारिश के बीच बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। शिक्षिका कमलती चौहान ने अपनी मधुर आवाज में देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को और अधिक भावुक एवं प्रेरणादायी बना दिया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे, जिला सैनिक एवं कल्याण अधिकारी कैप्टन सुमीत सिंह, डीएसपी दुर्गेश आर्मो, गंज थाना प्रभारी नीरज पाल, महिला थाना प्रभारी कविता नागवंशी, श्री-श्री ज्ञान मंदिर की प्राचार्य जयश्री शाह तथा बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम विशेष रूप से उपस्थित रहे।
देशभक्त बनें, नशे से दूर रहें : एएसपी कमलेश खरपुसे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने प्रदेश एवं जिले में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे परिवार का भविष्य बर्बाद करता है। नशे की लत से स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन सभी प्रभावित होते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सच्चे देशभक्त बनें और जीवनभर किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों से दूर रहने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि नशामुक्त रहेगी तो देश का भविष्य भी सुरक्षित और सशक्त होगा।
एएसपी खरपुसे ने श्री-श्री ज्ञान मंदिर द्वारा विशेष रूप से स्लम क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इस वर्ष रक्षा बंधन पर भारत-चीन सीमा पर जाने वाले राष्ट्र रक्षा मिशन दल को भी शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्र रक्षा मिशन बैतूल की गौरवशाली परंपरा : कैप्टन सुमीत सिंह
जिला सैनिक एवं कल्याण अधिकारी कैप्टन सुमीत सिंह ने कहा कि बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति वर्षों से राष्ट्रभक्ति, सैनिक सम्मान और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बैतूल की बेटियां लगातार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक पहुंचकर भारतीय सैनिकों को राखी बांधती हैं, जो पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करते हैं तथा समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
कारगिल युद्ध के बाद शुरू हुआ मिशन, अब 27वें वर्ष में प्रवेश
समिति की अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम ने बताया कि कारगिल युद्ध के बाद शुरू हुआ राष्ट्र रक्षा मिशन आज एक प्रेरणादायी अभियान बन चुका है। इस वर्ष मिशन का 27वां वर्ष है, जिसमें 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचकर सैनिकों के साथ रक्षा बंधन का पर्व मनाएगा।
उन्होंने कहा कि बैतूलवासियों का स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग ही इस मिशन की सबसे बड़ी ताकत है। समिति पिछले 14 वर्षों से जिले में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस का आयोजन निरंतर कर रही है, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय चेतना का विस्तार हो रहा है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी मनाया गया राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस
कार्यक्रम के उपरांत समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तिरंगा बैज लगाकर राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सभी ने राष्ट्रध्वज के सम्मान और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प दोहराया।
नशामुक्ति संदेश देने वाले साहित्यकारों का सम्मान
कार्यक्रम में नशामुक्ति विषय पर रचनात्मक योगदान देने वाले जिले के सात साहित्यकारों एवं कवयित्रियों का सम्मान किया गया। सम्मानित साहित्यकारों में गुंजन खण्डेलवाल, मीरा अंथोनी, डॉ. सुषमा सोनी, डॉ. माधवी ठाकुर, अनुराधा देशमुख, एडवोकेट सुनीता अम्बुलकर एवं अरुणा पाटनकर शामिल रहीं।
इस अवसर पर समिति के सचिव भारत पदम, प्रचिति कमाविसदार, नीलेश उपासे, प्रदीप निर्मले, छाया प्रजापति, सरिता अतुलकर, सोनम गंगारे, नीलम गंगारे सहित श्री-श्री ज्ञान मंदिर परिवार से निहारिका भावसार, प्रमोद शाह, तीर्थकर सेन, लता, प्रीति, मीनाक्षी, कंचन, प्रियंका, शीला, शोभा, अर्चना, रुपाली, राखी एवं पियुष सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस का यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं बल्कि राष्ट्रप्रेम, सैनिक सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी और नशामुक्त समाज के निर्माण का सशक्त संदेश बनकर उभरा। देशभक्ति के गीतों, तिरंगे के रंगों और नशामुक्ति के संकल्प के साथ आयोजित यह कार्यक्रम लंबे समय तक प्रतिभागियों के मन में प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

