शहडोल मेडिकल कॉलेज (बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय) में मरीज को स्ट्रेचर की सुविधा भी उपलब्ध नहीं,चादर और कंबल के सहारे बीमार लोगों को वार्ड रूम और डॉक्टर के पास तक ले जाने के लिए मजबूर परिजन
पुलिस दर्पण न्यूज़ से विकास पाण्डेय
👉 शहडोल मेडिकल कॉलेज (बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय) में मरीजों की स्टेचर एवं अन्य मूलभूत सुविधा का बड़ा अभाव है इस समय अभी हाल ही में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल आयुष मिशन के तहत( नई व्यवस्था_ बुनियादी ढांचे के विकास एवं मूलभूत सुविधाओं के लिए) 70 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है लेकिन फिर भी आम जनमानस अभाव में परिजनों का इलाज करने के लिए मजबूर है
👉 ग्राम कुदरी की वार्ड नंबर 11 की पंच सावित्री कुशवाहा अपनी सास की कमर का हड्डी का इलाज कराने शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुंची जहां पर काफी देर तक खड़े होने पर और पूछने पर भी स्टेचर की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण अपने परिचित और परिजनों के साथ चादर के सहारे मरीज को डॉक्टर और वार्ड रूम तक ले जाने को बेवस दिखी सोचिए मेडिकल कॉलेज से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित ग्राम कुदरी की वार्ड नंबर 11 की पंच (जनप्रतिनिधि) जो हमेशा अपने वार्ड के लोगों के सहयोग के लिए तात्पर्य रहती हैं और सुचारू रूप से सभी का कार्य करके जनप्रतिनिधि के रूप में सदैव नेतृत्व करती हैं एक जनप्रतिनिधि को ही शहडोल मेडिकल कॉलेज में अपने परिजनों के इलाज के लिए बेवस दिख रही है सोचिए दूर-दराज से आए जनमानस और ग्रामीण क्षेत्र से आए ग्रामीणों का क्या हाल होगा सोचिए जब मेडिकल कॉलेज से 200 मीटर की दूरी पर स्थित जनप्रतिनिधि को ही परिजनों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में संघर्ष करना पड़ा तो जिले और संभाग से आए लोगों की स्थिति कैसे होगी


