शहडोल । जिले का जैतपुर थाना क्षेत्र इन दिनों रेत माफिया की खौफनाक गिरफ्त में है। डोंगरी टोला में संचालक साबिर का अवैध रेत ठेहा प्राकृतिक संपदा की बर्बादी और आतंक का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। नियमों को ताक पर रखकर, साबिर के इशारे पर दिन-रात भारी जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों से नदियों का सीना चीरा जा रहा है।
इस अवैध काले कारोबार का विरोध करने वालों पर साबिर का हंटर चलता है। यदि कोई स्थानीय ग्रामीण या किसान आवाज उठाने की हिम्मत करता है, तो साबिर के गुर्गे उसे सीधे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा देते हैं। इस खौफ के कारण स्थानीय लोग अपने ही घर-जमीन पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
जैतपुर पुलिस और खनिज विभाग पर उठे प्रश्न
सरेआम मची इस खुली लूट पर जैतपुर पुलिस और शहडोल खनिज विभाग की रहस्यमयी चुप्पी ने प्रशासनिक मिलीभगत के बड़े संकेत दिए हैं। जनता सीधे सवाल उठा रही है कि आखिर माफिया साबिर को किसका संरक्षण प्राप्त है? मोटी साठगांठ के चलते जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है, जिससे साबिर का हौसला सातवें आसमान पर है।
नदियों का जलस्तर गिरने से भविष्य में भयंकर जल संकट का खतरा है।
जलीय इकोसिस्टम पूरी तरह नष्ट हो चुका है।
शासन को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।
चेतावनी:
आक्रोशित ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि जिला प्रशासन ने माफिया साबिर के इस अवैध साम्राज्य पर तत्काल बुलडोजर नहीं चलाया, तो जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।

