मध्य प्रदेश में बस यात्रा महंगी: सरकार ने बढ़ाया बस किराया, 100 किमी सफर पर अब देने होंगे ₹200 तक

भोपाल | पुलिस दर्पण

मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने बसों के अधिकतम यात्री किराये में बढ़ोतरी करते हुए नया राजपत्र (गजट नोटिफिकेशन) जारी कर दिया है। नई दरें लागू होने के बाद अब यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना होगा।

नई व्यवस्था के तहत सामान्य बसों का अधिकतम किराया 2 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है, जबकि न्यूनतम किराया 10 रुपये रहेगा। इससे पहले अधिकतम किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर था। यानी अब प्रति किलोमीटर 75 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके अनुसार 100 किलोमीटर की यात्रा का अधिकतम किराया 125 रुपये से बढ़कर 200 रुपये तक हो जाएगा।

बसों की श्रेणी के अनुसार नया किराया
परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार विभिन्न श्रेणियों की बसों के लिए अधिकतम किराया इस प्रकार रहेगा—
सामान्य बस (रात्रिकालीन सेवा): सामान्य किराये से 10% अधिक
डीलक्स (नॉन एसी): 25% अधिक
स्लीपर बस: 40% अधिक
डीलक्स एसी बस: 50% अधिक
सुपर लग्जरी एसी कोच: 75% अधिक
हालांकि डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लिया जाएगा। एक्सप्रेस बस सेवाओं पर भी अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं होगा।

हड़ताल की चेतावनी के बाद सरकार का फैसला
बस किराया बढ़ाने का निर्णय मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन की हड़ताल की चेतावनी के बाद लिया गया। परिवहन मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किराया बढ़ाने पर सहमति बनने के बाद सरकार ने नया नोटिफिकेशन जारी किया।

एसोसिएशन का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से बस किराये में कोई वृद्धि नहीं हुई, जबकि डीजल, स्पेयर पार्ट्स, कर्मचारियों के वेतन और संचालन लागत में लगातार इजाफा हुआ है। संगठन ने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें भी रखी हैं।

7 अगस्त से निजी बसें बंद करने की चेतावनी
बस ऑनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शेष मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 7 अगस्त की रात 12 बजे से पूरे मध्य प्रदेश में निजी बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।

संगठन ने सरकार से उन 40 मार्गों पर निजी बसों को परमिट देने की मांग भी की है, जहां वर्तमान में केवल मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा को संचालन की अनुमति है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की बात कही गई है।

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