इंदौर। पुलिस दर्पण
इंदौर। बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिलॉन्ग पहुंचे मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने बयान दर्ज कराने के बाद कई गंभीर दावे किए हैं। उनके अनुसार, मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सरेंडर से पहले कथित तौर पर फर्जी आईडी के जरिए गेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था की थी। उन्होंने गेस्ट हाउस के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और जमा कराई गई पहचान संबंधी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विपिन का यह भी दावा है कि जिस गेस्ट हाउस में सोनम रुकी थी, वहां उसका परिवार भी कुछ दिनों तक ठहरा था। हालांकि, सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उस समय उनके माता-पिता इंदौर में ही मौजूद थे।
मामले में जब्त ज्वेलरी को लेकर भी नया विवाद सामने आया है। विपिन ने अदालत में दिखाई गई ज्वेलरी की पहचान करते हुए दावा किया कि उसमें मौजूद सोने का मंगलसूत्र और चेन राज कुशवाहा के नाम पर थी। उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित आय वाला व्यक्ति इतनी महंगी ज्वेलरी कैसे खरीद सकता है और आशंका जताई कि यह खरीदारी राजा और सोनम की शादी से पहले की गई थी।
विपिन ने बताया कि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाहा, आनंद कुर्मी, आकाश राजपूत और विशाल चौहान को देखा तथा सभी आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
गौरतलब है कि 11 मई को शादी के बाद राजा और सोनम 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों लापता हो गए, 2 जून को राजा का शव खाई से बरामद हुआ और जांच में हत्या की पुष्टि हुई। 9 जून को सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हत्या की साजिश में शामिल अन्य आरोपियों के साथ कार्रवाई की थी। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

