गहरे पानी में कोई नहीं उतरा, प्रधान आरक्षक ने बांधी कमर में रस्सी और नदी में लगा दी छलांग

ढुटमूर नदी में 22 वर्षीय युवक का शव मिलने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों और स्थानीय तैराकों के पीछे हटने पर पुलिसकर्मी ने खुद संभाला मोर्चा

देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश

आमला। ग्राम ढुटमूर के पास नदी में गहरे पानी में फंसे 22 वर्षीय युवक के शव को बाहर निकालने के लिए आमला पुलिस के प्रधान आरक्षक बसंत उइके ने जोखिम उठाकर मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। जब गहरे पानी में उतरने से ग्रामीणों और स्थानीय तैराकों ने असमर्थता जताई, तो प्रधान आरक्षक ने खुद कमर में रस्सी बांधी और नदी के गहरे पानी में उतर गए।

जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर को ग्राम कोटवार ने आमला थाना पुलिस को सूचना दी कि ढुटमूर के पास नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव गहरे पानी में दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही प्रधान आरक्षक बसंत उइके और आरक्षक रोहित कुशवाह मौके पर पहुंचे।

नदी में पानी की गहराई अधिक होने के कारण पुलिस ने आसपास मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय तैराकों से शव बाहर निकालने में मदद मांगी, लेकिन किसी ने भी गहरे पानी में उतरने का जोखिम नहीं उठाया। इसके बाद प्रधान आरक्षक बसंत उइके स्वयं आगे आए। उन्होंने कमर में रस्सी बांधी और गहरे पानी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद शव को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

शव की हुई पहचान

पुलिस के अनुसार शव की पहचान ढुटमूर निवासी 22 वर्षीय पप्पू उर्फ बसंत बेले के रूप में हुई। पुलिस ने शव को आमला सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। युवक की मृत्यु के कारणों की जांच की जा रही है।

एसपी ने की सराहना, पुरस्कार का प्रतिवेदन मांगा

पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने प्रधान आरक्षक बसंत उइके के साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय आमजन की सहायता और सुरक्षा करना भी उसका दायित्व है।

एसपी ने प्रधान आरक्षक के इस कार्य को अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किए जाने संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश थाना प्रभारी आमला को दिए हैं।

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