एफआईआर पर रोक लगाने की मांग, अगली सुनवाई 2 नवंबर को
जबलपुर। पुलिस दर्पण
जबलपुर। धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार चल रही कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका की सुनवाई के दौरान एफआईआर पर रोक लगाने की मांग को लेकर उनकी ओर से आवेदन प्रस्तुत किया गया। जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को निर्धारित की गई है।
तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज है मामला
जानकारी के अनुसार विभागीय जांच के बाद कटनी के कुठला थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। कटनी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
हत्या के मामले में डिफॉल्ट जमानत से जुड़ा आरोप
मामले में आरोप है कि कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक मामले में निर्धारित समय सीमा के भीतर चालान पेश नहीं किया गया। इसके चलते आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिल गया। आरोप है कि इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम में आरोपियों की जमीन कथित तौर पर बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर खरीदी गई।
एक करोड़ की जमीन 15-20 लाख में खरीदने का आरोप
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गई। जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदे जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार जमीन की खरीद से पहले उसके बैंक खाते में महज कुछ हजार रुपये थे, जबकि बाद में क्षितिज राज पात्रे द्वारा उसके खाते में राशि ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। विभागीय जांच के बाद मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया।
जिला न्यायालय से राहत नहीं, हाईकोर्ट पहुंचीं
निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज पात्रे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत हेतु जिला न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिला न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज किए जाने के बाद दोनों ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा पच्चीसिया की ओर से दर्ज एफआईआर पर रोक लगाने की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया गया। एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आवेदन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

