चुनाव में अभी करीब सालभर बाकी, लेकिन नामली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज—कांग्रेस ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन ज्ञापन सौंपा, अध्यक्ष-सीएमओ पर लगाए गंभीर आरोप
नामली/रतलाम पुलिस दर्पण
नामली/रतलाम। नगर परिषद नामली के आगामी चुनाव में भले ही अभी करीब एक वर्ष का समय शेष हो, लेकिन गुरुवार को शहर कांग्रेस द्वारा किए गए नगर परिषद घेराव आंदोलन ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। चौपड़ा चौराहे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने रैली निकाली और नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर विभिन्न समस्याओं एवं कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित आंदोलन में कांग्रेस ने नगर परिषद से जुड़ी छह प्रमुख मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। और सीएमओ नासीर अली को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर में नियमों को ताक पर रखकर विभिन्न प्रकार के टैक्स वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा नामांतरण, अवैध कॉलोनियों, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता व्यवस्था, लाड़ली बहना योजना तथा वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल उठाए गए।
टैक्स वसूली से शुरू हुआ मामला, फिनाइल और मृत्यु प्रमाण-पत्र तक पहुंचा
नगर परिषद के घेराव के दौरान नेताओं के संबोधन में आरोपों का दायरा बढ़ता गया। कांग्रेस नेताओं ने कथित रूप से फिनाइल खरीदी में अनियमितता, मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए राशि लिए जाने तथा नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद नगर की सफाई व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों को लाभ नहीं मिलने तथा विभिन्न पेंशन योजनाओं से वंचित लोगों का मुद्दा भी उठाया गया।
शुभम गुर्जर की नगर परिषद से पगार का आरोप, भाजपा आईटी सेल प्रदेश अध्यक्ष ने दी चुनौती
आंदोलन के दौरान जिला पंचायत सदस्य राजेश भरावा ने भाजपा पूर्व विधायक प्रतिनिधि एवं भाजपा आईटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष शुभम गुर्जर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि शुभम गुर्जर को नगर परिषद नामली से वेतन दिया जा रहा है। साथ ही नगर परिषद पर भाजपा के कार्यक्रमों का खर्च उठाने का आरोप भी लगाया गया। इन आरोपों पर भाजपा आईटी सेल प्रदेश अध्यक्ष शुभम गुर्जर ने पलटवार करते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि यदि नगर परिषद नामली द्वारा उनके खाते में वेतन डाले जाने का दावा किया गया है तो राजेश भरावा को इसका प्रमाण सार्वजनिक करना चाहिए। गुर्जर ने कहा कि वे किसान परिवार से हैं, उनके पास जमीन है और सिक्योरिटी एजेंसी सहित अन्य व्यवसाय भी हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप प्रमाणित नहीं किए गए तो वे राजेश भरावा के खिलाफ एक करोड़ रुपए की मानहानि का दावा करेंगे। गुर्जर ने यह भी कहा कि यदि आरोप प्रमाणित हो जाते हैं तो वे स्वयं राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने आरोप को अपनी छवि धूमिल करने का प्रयास बताया।
माइक पर बार-बार सीएमओ को फटकार
घेराव आंदोलन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नगर परिषद के सीएमओ नासीर अली को चर्चा के लिए बार-बार फटकारते हुए सवाल जवाब किया गया। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न नेताओं ने अपनी बात रखी, हालांकि काफी समय तक माइक जिला पंचायत सदस्य राजेश भरावा के पास रहा और उन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर एक के बाद एक आरोप लगाए। आंदोलन के बाद कांग्रेस की ओर से नगर परिषद अध्यक्ष अनीता रजनीश परिहार को ज्ञापन सौंपे जाने की कार्ययोजना थी। फिर नगर परिषद सीएमओ नासीर अली को ज्ञापन सौंपा गया इसमें छह प्रमुख मांगों के निराकरण की मांग की गई।
छह मुद्दों पर कांग्रेस का घेराव
कांग्रेस द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में—
- कथित अनियमित एवं अतिरिक्त टैक्स वसूली की जांच।
- नामांतरण एवं अवैध कॉलोनियों से जुड़ी कथित वसूली पर रोक।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाना।
- करोड़ों के खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था में सुधार।
- लाड़ली बहना योजना से वंचित महिलाओं के मामलों का निराकरण।
- वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से जुड़े लंबित मामलों का समाधान।

