मंदसौर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का किया पर्दाफाश

मुख्य सरगना समेत 6 साइबर ठग राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार, 11 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा

मंदसौर, 1 अक्टूबर 2026।। मंदसौर पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना समेत छह आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा 150 से अधिक साइबर घटनाओं के जरिए 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मेट्रिमोनियल साइट के जरिए बनाते थे भरोसा

शामगढ़ निवासी एक महिला ने मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल अपडेट किया था। इसके बाद आरोपी ने खुद को NRI बताकर शादी का झांसा दिया। नकली फोटो और कथित परिजनों के जरिए व्हाट्सएप पर बातचीत कर महिला का विश्वास जीता गया। बाद में विदेश से गिफ्ट भेजने, कस्टम में गिफ्ट फंसने और कस्टम ड्यूटी व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई गई। इस तरह महिला से 7.50 लाख रुपये की ठगी की गई।

शिकायत के बाद शामगढ़ थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीना के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। करीब दो माह तक तकनीकी और बैंकिंग साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

150 से अधिक म्यूल खाते और सिम का इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार गिरोह ने 150 से अधिक म्यूल बैंक खातों और मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया। आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली और बिहार से सिम हासिल की गई थीं, जबकि कुछ खाते और सिम भोपाल से भी लिए गए थे। ठगी की रकम अलग-अलग राज्यों में निकालने के बाद आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते थे।

पुलिस ने राजस्थान के जयपुर में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर गिरोह के एक अन्य सदस्य और मुख्य सरगना को बिहार के अरवल जिले से पकड़ा गया।

मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड बरामद

आरोपियों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। विभिन्न बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि फ्रीज कराई गई है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों और साइबर अपराधों की भी जांच कर रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और मेट्रिमोनियल, ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश या गिफ्ट के नाम पर होने वाले आकर्षक प्रस्तावों से सावधान रहें। OTP, PIN और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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