मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में 92वें सूबेदार/उप निरीक्षक बैच के प्रशिक्षण का शुभारंभ

286 प्रशिक्षु अधिकारियों का तीन माह का आधारभूत प्रशिक्षण प्रारंभ

आधुनिक पुलिसिंग, कानून, साइबर अपराध अनुसंधान और एआई तकनीक पर विशेष फोकस

भोपाल, 2 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में 92वें सूबेदार/उप निरीक्षक बैच के बुनियादी प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अकादमी के निदेशक एवं विशेष पुलिस महानिदेशक श्री रवि कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में हुआ। इस प्रशिक्षण में वर्ष 2025 बैच के चयनित कुल 286 प्रशिक्षु सूबेदार एवं उप निरीक्षक शामिल हुए हैं। इनमें 182 पुरुष और 104 महिला प्रशिक्षु अधिकारी हैं।

आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे अधिकारी

तीन माह के इस आधारभूत प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिसिंग की मूलभूत जानकारी के साथ वर्तमान समय की चुनौतियों के अनुरूप व्यावसायिक रूप से दक्ष बनाना है। प्रशिक्षण में पारंपरिक पुलिसिंग के साथ आधुनिक तकनीक, साइबर अपराध अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नेतृत्व क्षमता, सामुदायिक पुलिसिंग और प्रशासनिक दक्षता जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अधिकारियों को अपराध के बदलते स्वरूप, तकनीक के बढ़ते उपयोग और कानून-व्यवस्था की नई चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से उनमें कानून की समझ के साथ त्वरित निर्णय लेने और प्रभावी पुलिस कार्रवाई की क्षमता विकसित करने पर जोर रहेगा।

कानून और प्रशासन की दी जाएगी व्यावहारिक जानकारी

आंतरिक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिस संगठन एवं प्रशासनिक व्यवस्था, पुलिस कार्यप्रणाली तथा पुलिस रेग्यूलेशन की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों का प्रारंभिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षुओं को व्यक्तित्व विकास, मानव व्यवहार, पुलिस सेवा में नैतिकता, प्रबंधन कौशल तथा कंप्यूटर अवेयरनेस से भी परिचित कराया जाएगा। पुलिस कार्यों में कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

साइबर अपराध और एआई पर विशेष प्रशिक्षण

वर्तमान दौर में साइबर अपराधों में हो रही वृद्धि को देखते हुए साइबर अपराध अनुसंधान को प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। प्रशिक्षु अधिकारियों को साइबर अपराधों की पहचान, जांच और प्रभावी कार्रवाई के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उपकरणों के उपयोग और आधुनिक पुलिसिंग में उनकी उपयोगिता से भी प्रशिक्षुओं को परिचित कराया जाएगा।

शारीरिक दक्षता और हथियार प्रशिक्षण भी शामिल

बाह्य प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षु अधिकारियों को शारीरिक प्रशिक्षण, शरीर सौष्ठव, एथलेटिक्स एवं टीम गेम्स के साथ बेसिक ड्रिल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा आर्म्स प्रशिक्षण, वेपन हैंडलिंग और फायरिंग का अभ्यास भी कराया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिकारियों में शारीरिक दक्षता, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करना है।

फील्ड ड्यूटी के लिए किया जाएगा तैयार

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध अनुसंधान, जनसामान्य से प्रभावी संवाद, टीम लीडरशिप और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्हें फील्ड स्तर पर परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित एवं प्रभावी निर्णय लेने के लिए भी तैयार किया जाएगा।

इस अवसर पर उप निदेशक श्री रामजी श्रीवास्तव, सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) श्रीमती रश्मि पाण्डेय, सहायक निदेशक/प्रभारी पुलिस अधीक्षक, पीटीएस भोपाल श्रीमती यास्मीन जहरा सहित अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

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