खाते में करीब 50 हजार रुपए जमा कराने पहुंचे पुष्कर निवासी साधु, शाखा प्रबंधक व सुरक्षा गार्ड पर अनुचित व्यवहार का आरोप; CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और निष्पक्ष जांच की मांग
नामली/रतलाम। पुलिस दर्पण
नामली/रतलाम। भारतीय स्टेट बैंक की नामली शाखा में अपने खाते में नकद राशि जमा कराने पहुंचे पुष्कर निवासी नागा साधु दिगंबर निरंजन गिरी पिता केदार गिरी ने शाखा प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी के कथित व्यवहार को लेकर शिकायत की है। शिकायतकर्ता के अनुसार वे 24 सितंबर 2026 को करीब 50 हजार रुपए अपने SBI खाते में जमा कराने के उद्देश्य से नामली शाखा पहुंचे थे। उनके साथ गुरुभक्त विजय आतेड़िया भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक पहुंचने के बाद उन्हें शाखा के भीतर प्रवेश करने और राशि जमा कराने को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि वे SBI के खाताधारक हैं, बावजूद इसके उन्हें बैंकिंग कार्य के लिए अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने शाखा प्रबंधक और सुरक्षा गार्ड पर कथित रूप से अनुचित व्यवहार एवं अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया है।
“मैं SBI का खाताधारक हूं, फिर बैंकिंग कार्य के लिए क्यों रोका गया?”
दिगंबर निरंजन गिरी का कहना है कि वे किसी विवाद के लिए नहीं बल्कि अपने खाते में राशि जमा कराने बैंक पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उनके साधु वेश में होने को लेकर भी आपत्ति जताई गई और उन्हें बैंक के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, प्रबंधक अथवा संबंधित सुरक्षा गार्ड का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
Non-Home Branch में नकद जमा की सुविधा का सवाल
मामले में बैंकिंग नियमों का पहलू भी सामने आया है। SBI के आधिकारिक दस्तावेजों में Personal Savings Bank Account के लिए Non-Home Branch में नकद जमा की सुविधा का प्रावधान बताया गया है। हालांकि किसी भी लेन-देन में पहचान, KYC, सुरक्षा और अन्य बैंकिंग प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक हो सकता है। ऐसे में जांच का प्रमुख विषय यह रहेगा कि शिकायतकर्ता को राशि जमा कराने से वास्तविक रूप से किस कारण रोका गया और उस समय शाखा में बैंकिंग प्रक्रिया के तहत क्या कार्रवाई की गई।
CCTV फुटेज से सामने आ सकता है पूरा घटनाक्रम
शिकायतकर्ता ने SBI के वरिष्ठ अधिकारियों से 24 सितंबर 2026 की घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि CCTV फुटेज से शाखा में प्रवेश से लेकर बैंक कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड के साथ हुए पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
इसके अलावा शिकायतकर्ता ने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने, शाखा के रिकॉर्ड की जांच करने तथा यदि किसी स्तर पर ग्राहक सेवा प्रक्रिया का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता बोले—बिना जांच किसी को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं
दिगंबर निरंजन गिरी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी पर बिना जांच आरोप लगाना नहीं है। वे केवल यह चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और वास्तविक तथ्य सामने आएं।
बताया गया है कि नागा साधु ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद पुष्कर, राजस्थान लौट रहे थे और यात्रा के दौरान नामली स्थित श्री दयानंद पुरी आश्रम में रुके हुए है। अब निगाह SBI के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच पर है। CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नामली शाखा में 24 सितंबर को खाते में राशि जमा कराने पहुंचे साधु के साथ वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था।

