₹80,949 के अधिशेष से मजबूत हुई संस्था, किसानों के लिए बनी नई कार्ययोजना

750 नए किसान सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य, नामली में लहसुन प्रोसेसिंग फैक्ट्री की योजना; खाद-बीज एवं कृषि दवाइयों के कारोबार को ₹15 लाख तक ले जाने का लक्ष्य

नामली/रतलाम। पुलिस दर्पण

नामली/रतलाम। पारस्परिक किसान उत्पादक सहकारी संस्था मर्यादित, नामली की वार्षिक साधारण सभा संस्था अध्यक्ष कीर्ति कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। सभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय, ऑडिट रिपोर्ट, संचालक मंडल द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों की पुष्टि तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सभा में किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और संस्था के व्यावसायिक विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक हरीश चौहान तथा सहकारिता विकासखंड सहायक तोलाराम मुनिया उपस्थित रहे। संस्था के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राहुल सूर्यवंशी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संस्था की वित्तीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों, सदस्यता विस्तार तथा आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

₹5.19 लाख की आय, ₹4.38 लाख का व्यय

वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्था को विभिन्न माध्यमों से ₹5 लाख 19 हजार 214 की आय प्राप्त हुई, जबकि ₹4 लाख 38 हजार 265 का व्यय हुआ। इस प्रकार संस्था ने वर्ष के दौरान ₹80 हजार 949 का शुद्ध अधिशेष अर्जित किया। संस्था की सदस्य शेयर पूंजी बढ़कर ₹4 लाख 74 हजार हो गई है। वहीं NCDC से ₹4 लाख की शेयर कैपिटल ग्रांट भी प्राप्त हुई है।

70.20 क्विंटल उन्नत सोयाबीन बीज का कारोबार

किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की दिशा में संस्था द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी भी सभा में दी गई। 29 जून 2026 को संस्था ने 70.20 क्विंटल उन्नत सोयाबीन बीज खरीदा, जिसमें NRC-150 एवं JS-9560 किस्में शामिल थीं। इस बीज व्यापार का कुल मूल्य ₹6 लाख 21 हजार 270 रहा तथा संस्था को ₹10 हजार 530 की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई।

NSC डीलरशिप और BBSSL की सदस्यता को मिली मंजूरी

सभा में संचालक मंडल द्वारा पूर्व में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की पुष्टि की गई। इनमें संस्था में CEO एवं अकाउंटेंट की नियुक्ति, नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन (NSC) की डीलरशिप तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) की सदस्यता प्रमुख हैं। संस्था का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उचित दरों पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

750 किसानों को संस्था से जोड़ने का लक्ष्य

आगामी वर्ष की कार्ययोजना में संस्था ने 750 नए किसान सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही नामली क्षेत्र में लहसुन प्रोसेसिंग फैक्ट्री स्थापित करने की दिशा में कार्य आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। संस्था द्वारा कृषि क्षेत्र से जुड़े व्यापार को भी विस्तार देने की तैयारी है। आगामी वर्ष में खाद, उन्नत बीज एवं कृषि दवाइयों के व्यापार एवं बिक्री का लक्ष्य ₹12 लाख से ₹15 लाख रखा गया है, जबकि ₹2.50 लाख से अधिक शुद्ध अधिशेष अर्जित करने का अनुमान व्यक्त किया गया।

किसानों को बाजार और आधुनिक कृषि सुविधाओं से जोड़ना उद्देश्य

सभा को संबोधित करते हुए संस्था अध्यक्ष कीर्ति कुमार जायसवाल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उचित दरों पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें बेहतर बाजार, आधुनिक कृषि सुविधाओं और कृषि व्यवसाय से जोड़ना है। उन्होंने संस्था के विस्तार में किसान सदस्यों की सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर संचालक तूफान सिंह सोनगरा एवं संचालक प्रतिनिधि संजय राठौड़ ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन संचालक प्रतिनिधि राजेश कर्णधार ने किया तथा आभार उपाध्यक्ष पुखराज जाट ने माना।सभा में उपाध्यक्ष मोहनलाल वाघेला, संचालक दिलीप सिंह सोलंकी, जिला सहकारी संघ के प्रतिनिधि एवं संचालक राजेश परिहार, भीमसिंह राठौर, सुनील उपाध्याय सहित संस्था के अन्य संचालक मंडल सदस्य एवं किसान सदस्य उपस्थित रहे। वार्षिक साधारण सभा में संस्था के आगामी विस्तार, सदस्यता वृद्धि, कृषि आदानों के कारोबार तथा किसान हितैषी योजनाओं को लेकर सदस्यों ने सकारात्मक सहभागिता व्यक्त की। संस्था की नई कार्ययोजना को क्षेत्र के किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने और कृषि आधारित व्यवसाय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!