राजगढ़। पुलिस दर्पण
राजगढ़। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में भोपाल लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को राजगढ़ जिले के जीरापुर में ट्रैप कार्रवाई करते हुए महिला पटवारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोप है कि भूमि नामांतरण की कार्रवाई के बदले पटवारी ने 7 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार ग्राम श्यामपुरा निवासी राम प्रसाद दांगी ने 13 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम खेजड़िया के हल्का नंबर-78 स्थित खसरा नंबर 407/1 की भूमि के नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था। आवेदन की स्थिति जानने के लिए संबंधित पटवारी से संपर्क करने पर नामांतरण की कार्रवाई के एवज में 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाया गया।
शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देशन में ट्रैप टीम गठित की गई।
गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने जीरापुर की सिरपोई कॉलोनी स्थित पटवारी के निजी कार्यालय में कार्रवाई की। टीम के अनुसार पटवारी सीमा दांगी ने सह-आरोपी जमना प्रसाद उर्फ बबलू वर्मा के माध्यम से 7 हजार रुपए की रिश्वत स्वीकार की। जैसे ही रिश्वत की राशि ली गई, लोकायुक्त टीम ने दोनों को पकड़ लिया।
मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक रजनी तिवारी, जी.एस. मर्सकोले, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल तथा आरक्षक मनमोहन साहू, रवि शर्मा, प्रसेनजीत, हेमेन्द्र पाल, हिम्मत सिंह और रक्षा परमार की टीम ने की।
लोकायुक्त भोपाल इकाई ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल लोकायुक्त कार्यालय को सूचना दें।

