वारदात के बाद फरार तीसरा आरोपी इंदौर से गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस की कार्रवाई
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण दक्षिण मध्य प्रदेश
बैतूल। गाड़ियों में तोड़फोड़ कर फरियादी से 10 हजार रुपये की अड़ीबाजी करने के मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी को बैतूल कोतवाली पुलिस ने इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया है। मामले में दो आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार 8 जून 2026 की रात करीब 3 से 3:30 बजे फरियादी रोहित यादव और मुकेश यादव कार क्रमांक MP-04-CU-4499 में ऑफिस के सामने सो रहे थे। इसी दौरान प्रकाश सावनेरे, सागर बुझाडे और पीयुष बचले सफेद रंग की बिना नंबर की बोलेरो से वहां पहुंचे।
आरोप है कि प्रकाश सावनेरे और सागर बुझाडे ने तलवार से ऑफिस के सामने खड़ी दो बोलेरो गाड़ियों क्रमांक MP-48-C-1161 और MP-48-T-1310 के कांच फोड़ दिए। इसके बाद फरियादी की कार का पीछे का कांच भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
गाड़ियों में तोड़फोड़ की आवाज सुनकर फरियादी और मुकेश यादव कार से बाहर निकले तो आरोपियों ने तलवार लहराते हुए गाली-गलौज की। आरोपियों ने फरियादी से 10 हजार रुपये की मांग की और रुपये नहीं देने पर गाड़ियों को जलाने की धमकी भी दी।
मामले में फरियादी की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में अपराध6 क्रमांक 503/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
दो आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पूर्व में प्रकाश सावनेरे (26) निवासी ग्रीन सिटी गंज, बैतूल तथा सागर उर्फ बुझाडे (25) निवासी सदर बैतूल को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं तीसरा आरोपी पीयुष बचले (24) घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस को आरोपी के इंदौर में होने की सूचना मिली। सूचना पर कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल इंदौर रवाना हुई और आरोपी पीयुष बचले पिता दशरथ बचले, निवासी ग्रीन सिटी गंज बैतूल को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया।
आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 19 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे एवं एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में थाना कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक राकेश सरयाम, प्रधान आरक्षक 677 दीपक कटियार एवं आरक्षक 703 प्रदीप कहार की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है।

