‘दृश्यम’ जैसी खौफनाक साजिश: प्रेमी संग पति को साइनाइड देकर मारा, 12 फीट नीचे दफनाया, दो साल तक कहती रही—’ऑस्ट्रेलिया में है’
जामनगर (गुजरात)। गुजरात के जामनगर से सामने आया एक सनसनीखेज हत्याकांड पूरे देश को झकझोर देने वाला है। यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं, बल्कि चर्चित फिल्म ‘दृश्यम’ की याद दिलाता है, जहां हत्या के बाद सबूत मिटाने और लंबे समय तक सच छिपाने की कोशिश की जाती है। यहां एक महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी, फिर शव को फैक्ट्री के फर्श के नीचे करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया। इसके बाद वह पूरे दो वर्षों तक परिवार और रिश्तेदारों को यह विश्वास दिलाती रही कि उसका पति नौकरी के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया चला गया है।
पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, मृतक की पहचान करीब 35 वर्षीय जिग्नेश मावड़िया के रूप में हुई है, जो फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े थे। वर्ष 2024 में अचानक उनके लापता होने के बाद परिवार लगातार उनकी तलाश करता रहा, लेकिन पत्नी पृथ्वी उर्फ भूमिबेन हर बार यही कहती रही कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहे हैं और वहां कंपनी के सख्त नियमों के कारण फोन पर बात करना संभव नहीं है। परिवार ने भी शुरू में उसकी बातों पर भरोसा कर लिया, लेकिन समय बीतने के साथ संदेह गहराता गया।
पुलिस के अनुसार, 31 मई 2024 की रात आरोपी महिला ने अपने कथित प्रेमी नीलेश कछाटिया के साथ मिलकर जिग्नेश को जामनगर के दरेड़ जीआईडीसी क्षेत्र स्थित एक औद्योगिक शेड में शराब पार्टी के बहाने बुलाया। वहां शराब में कथित तौर पर साइनाइड मिलाकर उन्हें पिला दिया गया। जहरीला पदार्थ शरीर में पहुंचते ही जिग्नेश की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने पहले से तैयार योजना के अनुसार शव को ठिकाने लगाने का काम शुरू किया।
सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने फैक्ट्री के फर्श के नीचे लगभग 12 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया। मृतक के शव को उसमें दफनाने के बाद मिट्टी भर दी गई और ऊपर से करीब एक फीट मोटी कंक्रीट की परत डाल दी गई, ताकि किसी को भी वर्षों तक इस भयावह अपराध की भनक न लग सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के बाद अपराध को छिपाने की यह योजना बेहद सुनियोजित थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद आरोपी महिला सामान्य जीवन जीती रही। वह परिवार के समारोहों, सामाजिक कार्यक्रमों और रिश्तेदारों के बीच पहले की तरह शामिल होती रही। जब भी कोई जिग्नेश के बारे में पूछता, वह पूरे आत्मविश्वास से कहती कि वह ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उसने यह कहानी भी गढ़ दी कि वहां की कंपनी कर्मचारियों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देती, इसलिए किसी से संपर्क नहीं हो पाता।
करीब दो साल तक यह झूठ चलता रहा, लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब जिग्नेश के एक चचेरे भाई ने स्वयं ऑस्ट्रेलिया जाने की तैयारी शुरू की। उसने पृथ्वी से जिग्नेश का पता, फोन नंबर और अन्य संपर्क विवरण मांगा ताकि वहां जाकर उससे मुलाकात कर सके। आरोपी महिला लगातार बहाने बनाती रही और कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इसी व्यवहार ने परिवार के मन में गहरा संदेह पैदा कर दिया।
जब परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही, तब मामला तेजी से आगे बढ़ा। जिग्नेश के भाई अशोक मावड़िया ने जामनगर के सिटी ‘बी’ डिवीजन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और पृथ्वी तथा उसके कथित प्रेमी नीलेश कछाटिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लंबी और सघन पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी टूट गए और हत्या की पूरी साजिश स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस, कार्यकारी मजिस्ट्रेट तथा फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम दरेड़ जीआईडीसी स्थित फैक्ट्री पहुंची। वहां कंक्रीट की मोटी परत को मशीनों से तोड़ा गया और लगभग 12 फीट गहरी खुदाई की गई। खुदाई के दौरान मानव कंकाल के अवशेष बरामद हुए, जिन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी पृथ्वी उर्फ भूमिबेन, उसके कथित प्रेमी नीलेश कछाटिया और एक अन्य सहयोगी बलबीर वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब से बनाई जा रही थी, इसमें और कौन-कौन शामिल था तथा साक्ष्य मिटाने में किसने मदद की। बरामद कंकाल और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे जामनगर ही नहीं, बल्कि देशभर में लोगों को स्तब्ध कर दिया है। दो वर्षों तक एक झूठी कहानी गढ़कर परिवार और समाज को भ्रम में रखना तथा हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए इतने सुनियोजित तरीके अपनाना पुलिस अधिकारियों के लिए भी हैरानी का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले की तुलना फिल्म ‘दृश्यम’ से की जा रही है, हालांकि वास्तविक घटना कहीं अधिक भयावह और दर्दनाक मानी जा रही है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिश्तों में विश्वास टूटने पर अपराध किस हद तक पहुंच सकता है और सच्चाई चाहे जितनी गहराई में दफना दी जाए, कानून की नजर से आखिरकार बच नहीं सकती।

