सड़क पर देवदूत बनेंगे राहगीर: रतलाम पुलिस ने जावरा चौपाटी पर दी CPR ट्रेनिंग; ‘राहवीर’ और ‘हिट एंड रन’ योजनाओं से कराया रूबरू

रतलाम। मध्यप्रदेश

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और घायल व्यक्तियों को समय पर इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से रतलाम पुलिस का विशेष ‘सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान’ लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS) के निर्देशन एवं एएसपी विवेक कुमार के मार्गदर्शन में जावरा चौपाटी पर एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) आनंद सोनी के नेतृत्व में जावरा यातायात चौकी प्रभारी सूबेदार मोनिका ठाकुर और उनकी टीम ने आमजन को यातायात नियमों के साथ-साथ जीवन बचाने के गुर भी सिखाए।
सीखिए CPR, शुरुआती मिनट बचा सकते हैं जान
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने दुकानदारों, वाहन चालकों और राहगीरों को न केवल हेलमेट-सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की समझाइश दी, बल्कि उन्हें सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क हादसे के ठीक बाद शुरुआती कुछ मिनट (गोल्डन ऑवर) बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अगर सही समय पर घायल को प्राथमिक चिकित्सा या सीपीआर मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है।
कानूनी पचड़े का डर छोड़ें, ‘राहवीर योजना’ देगी इनाम
आमतौर पर लोग पुलिसिया और कानूनी पचड़े के डर से सड़क हादसे के घायलों की मदद करने से कतराते हैं। इसी भ्रम को दूर करते हुए पुलिस टीम ने शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी:
राहवीर योजना: सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाकर सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनन पूर्ण संरक्षण दिया जाता है। साथ ही उन्हें प्रोत्साहित और पुरस्कृत भी किया जाता है।
हिट एंड रन प्रतिकर योजना: अज्ञात वाहन की टक्कर से होने वाले हादसों में पीड़ितों और उनके परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता और शासकीय प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
“सड़क सुरक्षा सिर्फ कानून का पालन नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक ज़िम्मेदारी है। बिना किसी डर के मानवता के नाते आगे आएं और घायलों की मदद करें।”
— रतलाम पुलिस की अपील
चलाया जा रहा है निरंतर अभियान
रतलाम पुलिस द्वारा यह अभियान जिले के हर संवेदनशील इलाके में चलाया जा रहा है। जावरा चौपाटी से पहले पुलिस टीम द्वारा सातरूंडा फंटा, धराड़ चौकी क्षेत्र, इप्का फैक्ट्री चौराहा और अरनिया पीठ मंडी चौराहा जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) में भी नागरिकों को इस प्रकार का जीवन रक्षक प्रशिक्षण और यातायात नियमों की जानकारी दी जा चुकी है।

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