भोपाल / पुलिस दर्पण
मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेश के सभी रेंज डीआईजी तथा भोपाल एवं इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में नशामुक्ति अभियान, साइबर अपराध नियंत्रण, नारकोटिक्स के विरुद्ध कार्रवाई, वित्तीय अनुसंधान, e-ZERO FIR के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं और मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीजीपी ने साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित त्वरित विवेचना को प्राथमिकता देने, e-ZERO FIR व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन करने तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनकेंद्रित पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाना प्रदेश पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. साईं मनोहर, डी. श्रीनिवास वर्मा एवं सोलोमन यश कुमार मिंज ने क्रमशः साइबर अपराध, नारकोटिक्स नियंत्रण, वित्तीय अनुसंधान, e-ZERO FIR और शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में नशामुक्त, साइबर सुरक्षित और जनकेंद्रित पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाते हुए अपराध नियंत्रण तथा आमजन को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।

