4 माह की गर्भवती बहू की प्रताड़ना से टूटी मां, पति सहित चार आरोपी गिरफ्तार
संवाददाता बैतूल देवी नाथ लोखंडे
बैतूल। जिले के चोपना थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना से जुड़ा एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के आरोप में पति, सास, ससुर और नंदोई सहित चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई मृतका द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को ग्राम झोली-01 स्थित पंचायत भवन परिसर में एक आंवले के पेड़ पर 40 वर्षीय अर्चना सरकार का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें बेटी के साथ हो रही कथित दहेज प्रताड़ना और आरोपियों द्वारा दी जा रही धमकियों का उल्लेख था।
जांच में सामने आया कि मृतका की पुत्री दीक्षा का विवाह 5 दिसंबर 2025 को वासुदेव बछाड़ से हुआ था। विवाह के बाद से ही पति वासुदेव, ससुर सचिन बछाड़, सास कविता बछाड़ और नंदोई विपुल बैरागी द्वारा कथित रूप से कार और तीन लाख रुपये नकद दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
पुलिस का कहना है कि पीड़िता चार माह की गर्भवती थी, इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गई और उसे तथा उसके मायके पक्ष को जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। जांच के दौरान पुलिस को व्हाट्सएप चैट भी मिली, जिसमें पति द्वारा पत्नी को अपनी मां का अपमान करने और उसका वीडियो भेजने जैसी कथित अपमानजनक शर्तें रखी गई थीं। पुलिस ने इन्हें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया है।
मर्ग जांच के बाद थाना चोपना में अपराध क्रमांक 0097/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), धारा 85 (क्रूरता), धारा 3(5) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपूसे एवं एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रवि शाक्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 जुलाई 2026 को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में वासुदेव बछाड़, सचिन बछाड़, कविता बछाड़ तथा विपुल बैरागी शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए समाज से दहेज प्रथा के खिलाफ आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दहेज लेना और देना दोनों कानूनन अपराध हैं। यदि किसी महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसी की जान बचाई जा सके।
इस कार्रवाई में थाना चोपना की पुलिस टीम सहित महिला आरक्षक प्रमीला (थाना रानीपुर) समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

