देवीनाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण, दक्षिण मध्य प्रदेश
बैतूल। थाना साँईखेड़ा पुलिस ने एक संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर जिस घटना को पानी में डूबने से हुई मौत बताया जा रहा था, वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच में हत्या निकली। आरोपी ने गमछे से गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को पानी में फेंक दिया था ताकि मामला दुर्घटना प्रतीत हो।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे एवं एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना साँईखेड़ा पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को ग्राम धाबला निवासी लालू पिता गंजू धुर्वे (47 वर्ष) का शव नामदेव फाटे के खेत के पास पानी से भरी खंती में मिला था। मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की हायॉइड बोन (गले की हड्डी) टूटी हुई पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि मौत डूबने से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई है।
विवेचना में सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक मशरूम लेने जंगल गया था। इसी दौरान ग्राम धाबला निवासी आनंदराव पिता नब्बा बारस्कर (40 वर्ष) ने सुनसान स्थान पर गमछे से उसका गला घोंट दिया और हत्या के बाद शव को पानी में फेंक दिया ताकि घटना दुर्घटना लगे।
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक और आरोपी के बीच लंबे समय से अवैध संबंधों को लेकर विवाद और पुरानी रंजिश चली आ रही थी। पुलिस के अनुसार, कुछ माह पूर्व मृतक द्वारा आरोपी पर चाकू से हमला किए जाने के मामले में मृतक जेल भी गया था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थाना साँईखेड़ा में अपराध क्रमांक 108/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(V) एवं 3(2)(VA) में मामला दर्ज किया गया।
लगातार दबिश और पूछताछ के दौरान 2 अगस्त 2026 को आरोपी को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि मामले की आगे की विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी साँईखेड़ा भैयालाल उईके, निरीक्षक आबिद अंसारी, थाना प्रभारी कविता नागवंशी सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मृत्यु, अपराध अथवा असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।


