सातरुंडा हाईवे पर बिलपांक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कंटेनर से 106.47 किलो डोडाचूरा जब्त—दो आरोपी गिरफ्तार
रतलाम / पुलिस दर्पण
रतलाम । अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ रतलाम पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बिलपांक थाना पुलिस ने सातरुंडा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर से 106 किलो 47 ग्राम डोडाचूरा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस की नजर से बचाने के लिए डोडाचूरा को कंबलों के पैकेटों के नीचे छिपाकर रखा था। पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ताजा स्थानीय रिपोर्ट में भी इस कार्रवाई में 106.47 किलो डोडाचूरा बरामद होने और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है।
मुखबिर की सूचना पर हाईवे पर बिछाया जाल
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम को सूचना मिली थी कि एक कंटेनर के माध्यम से अवैध रूप से डोडाचूरा परिवहन किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की योजना बनाई। पुलिस टीम ने सातरुंडा क्षेत्र में हाईवे पर निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध कंटेनर की तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान इंदौर की ओर जाने वाले मार्ग पर ले-बाय में एक कंटेनर खड़ा दिखाई दिया। पुलिस ने कंटेनर को घेरकर उसमें मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में सामने आई आरोपियों की पहचान
पुलिस पूछताछ में ट्रक चालक ने अपना नाम मोहनलाल माली (42) पिता बगदीराम माली, निवासी ग्राम बराड़ा, सरवनिया महाराज के पास, थाना जावद, जिला नीमच बताया। वहीं क्लीनर ने अपना नाम प्रेमचंद धाकड़ (53) पिता केसुराम धाकड़, निवासी ग्राम रामपुरिया, थाना बेगूं, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान बताया।
पुलिस को कंटेनर में बड़ी संख्या में कंबलों के पैकेट दिखाई दिए। प्रथम दृष्टया सामान्य माल परिवहन जैसा दिखाई दे रहे कंटेनर की जब पुलिस ने बारीकी से तलाशी ली तो कंबलों के पैकेटों के नीचे संदिग्ध कट्टे छिपे मिले।
कंबलों के नीचे छिपे थे छह कट्टे
पुलिस ने संदिग्ध कट्टों को बाहर निकलवाकर उनकी तलाशी ली। कट्टे खोलने पर पुलिस टीम के होश उड़ गए। इनमें बड़ी मात्रा में डोडाचूरा भरा हुआ था।
पुलिस ने मादक पदार्थ का वजन कराया तो कुल 106 किलो 47 ग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने डोडाचूरा सहित कंटेनर को जब्त कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
नीमच से लाकर महाराष्ट्र ले जाने की बात
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के सामने यह जानकारी आई कि आरोपी डोडाचूरा नीमच क्षेत्र की संगराणा घाटी से अनील सिंह राजपूत नामक व्यक्ति से लेकर आए थे और इसे आगे मालेगांव की ओर ले जाया जा रहा था।
हालांकि डोडाचूरा की अंतिम डिलीवरी किस व्यक्ति को की जानी थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा अभी पुलिस की पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगा।
रिमांड पर लेकर नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि—
- डोडाचूरा की खेप किससे खरीदी गई थी?
- इसे किस व्यक्ति के निर्देश पर परिवहन किया जा रहा था?
- मालेगांव में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी?
- इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हैं?
- कंटेनर का इस्तेमाल पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी में किया गया था या नहीं?
इन सवालों के जवाब आरोपियों से जारी पूछताछ के बाद सामने आने की उम्मीद है।
बिलपांक पुलिस की टीम की अहम भूमिका
कार्रवाई में एसआई अल्केश सिंगाड़, सुरेश गोयल, एएसआई सतीश ठाकुर, प्रधान आरक्षक राहुल जाट, तेजसिंह जगावत, हेमंत परमार, दिनेश खिंची, नरेंद्रसिंह चावड़ा, अनिल शुक्ला, आरक्षक संजय सोनी, रोशन राठौर, रोहित चौहान एवं नितेश निन्नौर सहित पुलिस टीम की भूमिका रही।
रतलाम में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ लगातार शिकंजा
गौरतलब है कि रतलाम जिले में पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी जिले में डोडाचूरा सहित अन्य मादक पदार्थों की बड़ी खेप पकड़े जाने के मामले सामने आते रहे हैं। जुलाई 2026 में बड़ावदा पुलिस ने भी करीब 290 किलो डोडाचूरा जब्त करने की कार्रवाई की थी। सातरुंडा की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि तस्कर भले ही कंबलों और दूसरे सामान की आड़ में मादक पदार्थ छिपाकर परिवहन करने का प्रयास करें, लेकिन पुलिस की सक्रिय निगरानी और सूचना तंत्र के चलते उनकी गतिविधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

