नामली/रतलाम। पुलिस दर्पण
नामली/रतलाम। नामली थाना क्षेत्र में शनिवार शाम मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की सफेद क्रेटा कार से ₹73 लाख 72 हजार 500 रुपये की नकदी बरामद की। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। कार को पंचेड़ फंटे पर रोककर तलाशी ली गई थी। इसके बाद वाहन, नकदी और युवक को नामली थाने लाया गया, जहां पूरी रकम की गिनती कराई गई। कार्रवाई के दौरान एडिशनल एसपी राकेश पंद्रो रतलाम ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला तथा नामली थाना प्रभारी निरीक्षक अमित कोरी सहित पुलिस अमला मौजूद रहा।
मुखबिर की सूचना पर पंचेड़ फंटे पर घेराबंदी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिना नंबर की सफेद क्रेटा कार में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पंचेड़ फंटे के आसपास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।
इसी दौरान संदिग्ध क्रेटा कार को रोककर पुलिस ने तलाशी ली। तलाशी में कार में रखा बोरा पुलिस के हाथ लगा। इसमें अलग-अलग मूल्य वर्ग के नोटों की गड्डियां रखी हुई थीं। नकदी की मात्रा देखकर पुलिस ने वाहन और युवक को थाने लाकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
युवक से ही कराई गई नोटों की गिनती
मामले की सबसे खास बात यह रही कि थाने में बरामद नकदी की गिनती के दौरान एक नोट गिनने वाली मशीन का उपयोग किया गया और पुलिस की मौजूदगी में उक्त युवक से ही नोटों की गिनती कराई गई। पुलिसकर्मियों की निगरानी में नोटों को मशीन से गिनने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। गिनती पूरी होने के बाद बरामद नकदी की कुल राशि ₹73,72,500 बताई गई। पुलिस के अनुसार रकम में 100, 200 और 500 रुपये के नोट शामिल थे। इतनी बड़ी रकम की गिनती को लेकर थाने में काफी देर तक प्रक्रिया चलती रही।
एसडीओपी और थाना प्रभारी की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
नकदी की बरामदगी को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल एसपी राकेश पंद्रो,एसडीओपी किशोर पाटनवाला भी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी अमित कोरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने युवक से पूछताछ की तथा नकदी के स्रोत और उसे ले जाने के उद्देश्य की जानकारी जुटाई। पुलिस ने कार और नकदी को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल बरामद रकम को अवैध घोषित नहीं किया गया है। पुलिस का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि इतनी बड़ी नकदी कहां से आई और किस उद्देश्य से ले जाई जा रही थी।
युवक ने बताया—जमीन बेचकर मिली रकम
पूछताछ में युवक की पहचान मीजान पुत्र रईस खां के रूप में सामने आई। युवक ने पुलिस को बताया कि वह कृषक है और उसके पास जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित लेन-देन है। उसका कहना है कि बरामद रकम जमीन बेचने से प्राप्त हुई है। वह इसी रकम से रतलाम में सोना खरीदने गया था। हालांकि देर हो जाने के कारण संबंधित सोने-चांदी की दुकान बंद हो गई और खरीदारी नहीं हो सकी। इसके बाद वह नकदी लेकर वापस अपने घर की ओर लौट रहा था, तभी पुलिस ने उसे रोक लिया।
अधिवक्ता ने भी रखा अपना पक्ष
मामले में युवक की ओर से जावरा के अधिवक्ता महेंद्र सिंह सिसोदिया भी थाने पहुंचे। अधिवक्ता के अनुसार मीजान रतलाम में सोना खरीदने गया था, लेकिन खरीदारी नहीं होने के कारण वह रकम लेकर वापस लौट रहा था। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि मीजान और उसके पिता कृषक हैं तथा जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े हैं। उनके अनुसार बरामद रकम का हिसाब-किताब उपलब्ध है और परिवार आयकर भी जमा करता है। हालांकि पुलिस के स्तर पर इन दावों का दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन किया जाना अभी बाकी है।
₹73 लाख की नकदी ने खड़े किए कई सवाल
एक वाहन में बिना नंबर प्लेट के इतनी बड़ी राशि मिलना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। पुलिस अब जमीन बिक्री से संबंधित दस्तावेज, भुगतान का रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन तथा नकदी के स्रोत का सत्यापन करेगी। यदि रकम जमीन बिक्री की है तो पुलिस यह देखेगी कि जमीन कब और किसे बेची गई, बिक्री की कुल राशि कितनी थी और उसका भुगतान किस माध्यम से हुआ। वहीं यदि रकम सोना खरीदने के लिए ले जाना बताया जा रहा है तो संबंधित सराफा प्रतिष्ठान, खरीदारी की योजना, बातचीत अथवा अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा सकता है।
स्थानीय चर्चाओं से भी बढ़ी मामले में दिलचस्पी
कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आती रहीं। कार्रवाई स्थल को लेकर भी अलग-अलग बातें कही जाती रहीं, जबकि पुलिस के अनुसार पंचेड़ फंटे पर कार रोककर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। इस तरह बिना नंबर की नई क्रेटा कार और इतनी बड़ी नकदी को लेकर भी लोगों के बीच सवाल उठते रहे। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वास्तविक तथ्य पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
पुलिस जांच के बाद ही खुलेगा नकदी का पूरा राज
फिलहाल पुलिस ने कार और ₹73 लाख 72 हजार 500 रुपये की नकदी को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। युवक द्वारा जमीन बिक्री की रकम और सोना खरीदने के लिए जाने की बात कही गई है, जबकि पुलिस दस्तावेजों और नकदी के स्रोत का सत्यापन कर रही है। मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही होगी कि क्या बरामद पूरी राशि का वैध दस्तावेजी हिसाब पुलिस के सामने प्रस्तुत किया जाता है? यदि दस्तावेज रकम के स्रोत से मेल खाते हैं तो स्थिति अलग होगी, लेकिन यदि दस्तावेजों में कमी या रकम के स्रोत को लेकर कोई विसंगति सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल नामली में हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र में चर्चा पैदा कर दी है। ₹73.72 लाख की नकदी, बिना नंबर की क्रेटा और जमीन बिक्री से लेकर सोना खरीदने तक की कहानी—इन सभी सवालों का अंतिम जवाब पुलिस की जांच और दस्तावेजी सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा।

