टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस का नगर परिषद घेराव, एक माह की मोहलत; सुधार नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

विकास शुल्क, नामांतरण, बाजार बैठकी और प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल, सीएमओ ने कहा—आवेदनों के आधार पर मामलों को दिखवाया जाएगा

नामली/ रतलाम -दिलीप कर्णधार। नगर परिषद नामली में विभिन्न करों एवं शुल्कों को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को मोर्चा खोलते हुए नगर परिषद कार्यालय का घेराव किया। चोपड़ा चौराहे से कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लेकर नगर परिषद पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान विकास शुल्क, नामांतरण शुल्क, बाजार बैठकी, थैला-गाड़ी से कथित मासिक वसूली, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा नगर परिषद के विभिन्न कार्यों और खरीद प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने नगर परिषद प्रशासन को एक माह की मोहलत देते हुए कहा कि इस अवधि में समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने नगर परिषद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों एवं शिकायतों के निराकरण की मांग की।

विकास शुल्क और नामांतरण शुल्क बना प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा

नगर परिषद घेराव के दौरान विकास शुल्क एवं नामांतरण से संबंधित शुल्कों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सबसे ज्यादा सवाल उठाए। नेताओं का आरोप था कि नगर परिषद द्वारा नागरिकों से विभिन्न मदों में राशि वसूली जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि नगर परिषद द्वारा वसूले जा रहे प्रत्येक कर एवं शुल्क का शासनादेश, परिषद का प्रस्ताव, निर्धारित दर, लागू होने की तारीख और वसूली का आधार सार्वजनिक किया जाए। नामांतरण के मामले में भी कथित रूप से दोहरे टैक्स का मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं डाला जाना चाहिए और शुल्क की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

थैला-गाड़ी संचालकों से ₹500 मासिक लेने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान बाजार बैठकी और छोटे व्यापारियों तथा थैला-गाड़ी संचालकों से कथित रूप से ₹500 प्रतिमाह लिए जाने का आरोप भी लगाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि नगर परिषद द्वारा ऐसी राशि वसूली जा रही है तो इसकी रसीद, वसूली की मद, परिषद के प्रस्ताव और शासन के नियमों को सार्वजनिक किया जाए।

राजेश भरावा ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान जिला पंचायत सदस्य राजेश भरावा ने प्रदर्शन के दौरान नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर आरोप लगाए। भरावा ने सीएमओ नासिर अली पर विभिन्न करों एवं शुल्कों की वसूली में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए नगर परिषद के कामकाज पर सवाल खड़े किए। उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष अनीता रजनीश परिहार की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए और वार्ड क्रमांक-1 में हुए नाला निर्माण सहित विभिन्न कार्यों की जांच की मांग की। भरावा ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक प्रतिनिधि को नगर परिषद से वेतन दिए जाने का मामला भी जांच का विषय है। इसके अलावा उन्होंने स्वच्छता सामग्री, फिनाइल एवं मच्छररोधी दवाओं की खरीदी में भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए।

प्रधानमंत्री आवास योजना पर संजय चौहान ने घेरा

नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस जिला सचिव संजय चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर नगर परिषद प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाया और कथित रूप से केवल 36 आवास ही उपलब्ध कराए गए। चौहान ने कहा कि पात्र गरीब परिवार लंबे समय से आवास की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे हितग्राहियों को नगर परिषद के चक्कर लगाने के बजाय योजना का लाभ शीघ्र दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गरीबों की समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।

तूफान सिंह सोनगरा बोले—टैक्स बढ़ोतरी का आदेश सार्वजनिक करें

नगर परिषद के कांग्रेस पार्षद एवं वित्त विभाग के सभापति तूफान सिंह सोनगरा ने टैक्स बढ़ोतरी को लेकर नगर परिषद से सीधे दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। सोनगरा ने आरोप लगाया कि टैक्स बढ़ाने के संबंध में शासन की जानकारी का हवाला दिया जा रहा है, जबकि उनके अनुसार ऐसा कोई स्पष्ट आदेश उनके सामने प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि टैक्स या शुल्क बढ़ाया गया है तो नगर परिषद को संबंधित शासनादेश, परिषद का प्रस्ताव, नई दरें और वसूली की प्रक्रिया जनता के सामने रखनी चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग भी की।

कोल डिपो मामले का मुद्दा भी गुपचुप तरीके से चर्चित रहा

नगर परिषद घेराव के दौरान नामली के चर्चित कोल डिपो/इनलैंड कंटेनर मामले का मुद्दा भी कांग्रेस नेताओं में चर्चित रहा । इस मामले में वास्तविक राजस्व हानि कितनी हुई, यह निर्धारित करने के लिए भूमि का उपयोग, विकास शुल्क की गणना, नगर परिषद की मांग, जमा राशि तथा संबंधित नियमों और दस्तावेजों की जांच आवश्यक है।

कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में भी नगर परिषद से रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की।

लोकायुक्त शिकायत का भी किया उल्लेख

नेताओं ने दावा किया कि मामले में संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत एवं जांच की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि किसी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होने संबंधी दावे की पुष्टि आधिकारिक आदेश के आधार पर ही की जानी चाहिए।

सीएमओ नासिर अली बोले—आवेदनों में उठाए गए बिंदुओं को दिखवाएंगे

कांग्रेस के आरोपों और मांगों पर नगर परिषद के मुख्याधिकारी नासिर अली ने कहा कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा आवेदन दिए गए हैं। आवेदनों में जिन बिंदुओं को उठाया गया है, उन्हें दिखवाया जाएगा और नियमानुसार जानकारी ली जाएगी। सीएमओ के इस जवाब के बाद अब नगर परिषद द्वारा संबंधित शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है और किन दस्तावेजों को सामने रखा जाता है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।

अध्यक्ष अनीता परिहार की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी

नगर परिषद अध्यक्ष अनीता रजनीश परिहार से प्रदर्शन एवं लगाए गए आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया। उनके परिजनों ने बताया कि अध्यक्ष की तबीयत ठीक नहीं है। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद मामले में जानकारी देने की बात कही गई।

अध्यक्ष का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

चार साल के कामकाज पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नगर परिषद के पिछले चार वर्षों के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि नगर परिषद में विकास कार्यों की गति और प्राथमिकताओं को लेकर जनता के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नाला निर्माण सहित कुछ कार्यों को छोड़कर ऐसा कोई बड़ा विकास कार्य सामने नहीं आया, जिसे नगर परिषद की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। इन दावों की वास्तविक तस्वीर नगर परिषद द्वारा पिछले चार वर्षों में कराए गए कार्यों की सूची, स्वीकृत राशि, खर्च, पूर्णता प्रमाण-पत्र और वार्डवार विकास कार्यों के रिकॉर्ड से स्पष्ट हो सकती है।

घेराव में ये नेता रहे मौजूद

नगर परिषद घेराव एवं प्रदर्शन में पूर्व सेवा सहकारी संस्था अध्यक्ष अशोक राठौड़, पार्षद एवं सभापति वित्त विभाग तूफान सिंह सोनगरा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिलीप सिंह सोलंकी, कांग्रेस जिला सचिव एवं पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष संजय चौहान, पार्षद राजेश चौहान, समाजसेवी बंटी डाबी, वरिष्ठ कांग्रेसी नंदकिशोर चौहान, पूर्व पार्षद रमेश डिंडोर, पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष सुखदेव गेहलोत, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दिनेश जाट सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के दौरान नगर परिषद के सीएमओ नासिर अली, निर्माण शाखा अधिकारी राजेश पथरोड़ सहित नगर परिषद के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

एक माह की मोहलत के बाद क्या होगा?

कांग्रेस के नगर परिषद घेराव के बाद अब निगाहें आगामी एक माह की समय-सीमा पर टिक गई हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि टैक्स एवं शुल्क संबंधी शिकायतों, प्रधानमंत्री आवास योजना, बाजार बैठकी, नामांतरण और अन्य उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

अब नगर परिषद के सामने प्रमुख सवाल यह है कि—

क्या बढ़े हुए टैक्स और शुल्क का स्पष्ट शासनादेश एवं परिषद प्रस्ताव सार्वजनिक होगा?

क्या नामांतरण एवं विकास शुल्क की पूरी प्रक्रिया जनता के सामने रखी जाएगी?

क्या थैला-गाड़ी एवं छोटे व्यापारियों से कथित ₹500 मासिक वसूली का रिकॉर्ड सामने आएगा? क्या प्रधानमंत्री आवास योजना के वास्तविक स्वीकृत एवं वितरित आवासों का आंकड़ा सार्वजनिक किया जाएगा?

क्या नाला निर्माण, दवा एवं स्वच्छता सामग्री की खरीदी सहित लगाए गए आरोपों की जांच होगी?

इन सवालों के जवाब दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड से सामने आने पर नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही राजनीतिक बहस की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

घेराव को कांग्रेस ने बताया आंदोलन का शंखनाद

नगर परिषद चुनाव में अभी करीब एक वर्ष का समय शेष है, लेकिन नामली में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस घेराव को आने वाले बड़े आंदोलन का शंखनाद बताते हुए एक माह की समय-सीमा तय की है। अब देखना होगा कि नगर परिषद प्रशासन कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर क्या जवाब और दस्तावेज सामने रखता है तथा एक माह बाद कांग्रेस अपने आंदोलन को किस रूप में आगे बढ़ाती है।

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!