छतरपुर / पुलिस दर्पण
छतरपुर। परिवहन विभाग की कार्रवाई ने यात्री बसों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आपातकालीन द्वार के सामने अतिरिक्त सीटें लगाना जैसी अनियमितताएं किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने में बाधा बन सकती हैं। ऐसे में दस्तावेजों की जांच के साथ बसों के इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी उपकरण, फिटनेस और यात्री सुरक्षा मानकों की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण है।
छतरपुर में अब तक 29 बसों की जांच और 56 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग की सख्ती से बस संचालकों में हड़कंप है। वहीं, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जांच अभियान आगे भी जारी रहने की बात सामने आई है। सवाल यह है कि जिन बसों में नियमों की अनदेखी पाई जा रही है, उनमें फिटनेस और परमिट जारी होने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच कितनी प्रभावी तरीके से की गई थी? यह पहलू भी परिवहन विभाग की जांच के दायरे में आना जरूरी है।

