सरकारी लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रकम लेने का आरोप, आरोपी हिरासत में
इंदौर, 5 अक्टूबर। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर (SI) से करीब 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बेटे के कारोबार के लिए 50 लाख रुपये का सरकारी लोन दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने उनसे बड़ी रकम हासिल कर ली। पुलिस ने मामले में आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सरकारी योजना से लोन दिलाने का दिया भरोसा
बताया जा रहा है कि आरोपी ने रिटायर्ड SI को भरोसा दिलाया कि वह उनके बेटे के कारोबार के लिए सरकारी योजना के तहत करीब 50 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा सकता है। इसके लिए उसने अलग-अलग प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं के नाम पर रकम की मांग की। पीड़ित उसके झांसे में आ गए और आरोपी को बड़ी धनराशि दे दी।
करीब 40 लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में करीब 40 लाख रुपये हासिल किए। काफी समय बीतने के बाद भी लोन स्वीकृत नहीं हुआ। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने कथित तौर पर टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम कहां इस्तेमाल की गई तथा इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
इंदौर पुलिस लगातार लोन दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। पुलिस पहले भी ऐसे मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

