कानूनी जागरूकता, महिला-बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और नशामुक्ति पर जागरूक होंगे विद्यार्थी
31 अक्टूबर तक प्रथम चरण पूरा करने के निर्देश
भोपाल, 22 अक्टूबर। राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश पुलिस की सामुदायिक पुलिस शाखा द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से प्रदेशभर के महाविद्यालयों में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ आयोजित किया जा रहा है। अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में होने वाली इन कार्यशालाओं का उद्देश्य युवाओं को कानून, सुरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक बनाना है।
भोपाल में दिया गया प्रशिक्षण
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए भोपाल में ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के महाविद्यालयों से दो-दो प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षित प्रतिनिधि अब अपने-अपने महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ संवाद और कार्यशालाएं आयोजित करेंगे।
महिला सुरक्षा से साइबर अपराध तक मिलेगी जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संवैधानिक एवं मानवाधिकार, कानूनी जागरूकता, महिला एवं बाल सुरक्षा, जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम, नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध से बचाव और यातायात सुरक्षा जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी। विद्यार्थियों को उपलब्ध कानूनी प्रावधानों और पुलिस सेवाओं के उपयोग के बारे में भी बताया जाएगा।
थानों और डायल-112 की कार्यप्रणाली से होंगे परिचित
कार्यशालाओं के साथ विद्यार्थियों को पुलिस थानों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान उन्हें थाने की कार्यप्रणाली तथा डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद फर्स्ट रिस्पॉन्डर द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।
31 अक्टूबर तक पूरा होगा प्रथम चरण
सामुदायिक पुलिस शाखा ने जिलों को राष्ट्रीय एकता दिवस की पूर्व संध्या तक निर्धारित कार्यशालाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को नोडल अधिकारी और संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।
31 अक्टूबर को प्रथम चरण के समापन पर उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्राध्यापकों और पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। विद्यार्थियों को नशे से दूरी, साइबर अपराध की रोकथाम और जिम्मेदार मतदान सहित जिम्मेदार नागरिकता के विषयों पर शपथ भी दिलाई जाएगी।

