धामोरी की घटना में पुलिस ने हत्या से संबंधित धारा जोड़ी, दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश
बैतूल। जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम धामोरी में टमाटर चोरी के संदेह को लेकर 64 वर्षीय बुजुर्ग के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। उपचार के दौरान बुजुर्ग की मृत्यु हो गई। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में दर्ज प्रकरण में बुजुर्ग की मृत्यु के बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) भी जोड़ी गई है। मामले की विवेचना जारी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम धामोरी निवासी गुलाब माटे (64) 9 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे जामगांव से पैदल अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुरेश वाडेकर के खेत के पास सुरेश वाडेकर और उसके बेटे शैलेष वाडेकर द्वारा उन्हें रोककर टमाटर चोरी करने का संदेह जताए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, गुलाब माटे द्वारा आरोप का खंडन करने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। शिकायत के अनुसार, इस दौरान बुजुर्ग के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और हाथ-थप्पड़ों तथा लकड़ी के डंडे से मारपीट की गई। उन्हें गंभीर चोटें आईं और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मामला
मृतक के बेटे गोलू माटे की शिकायत पर आठनेर थाने में अपराध क्रमांक 0273/2026 के तहत बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 351(2) और 3(5) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। उपचार के दौरान गुलाब माटे की मृत्यु होने के बाद पुलिस ने मामले में धारा 103(1) बीएनएस जोड़ी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन में आठनेर पुलिस ने 13 अक्टूबर 2026 को सुरेश वाडेकर और शैलेष वाडेकर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों को न्यायालय भैंसदेही के समक्ष पेश किया गया है। मामले में आगे की विवेचना और वैधानिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस टीम की भूमिका
प्रकरण की कार्रवाई और विवेचना में निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार, उपनिरीक्षक एम.एल. ठाकरे, सहायक उपनिरीक्षक गंभीर सिंह रघुवंशी, प्रधान आरक्षक निर्मल पवार तथा आरक्षक गिरिराज धाकड़ और बीरबल मीणा की भूमिका रही।
पुलिस की अपील
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें और आपराधिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

