नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0′ को जनआंदोलन बनाने का आह्वान, डीजीपी कैलाश मकवाणा ने दिए विस्तृत दिशा-निर्देश।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जोन, रेंज और जिला पुलिस अधिकारियों से जुड़े डीजीपी, 15 से 30 जुलाई तक विशेष अभियान की तैयारियों की समीक्षा
भोपाल | पुलिस दर्पण
भोपाल | मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जोन, रेंज एवं जिला पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्यव्यापी “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि यह अभियान केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से जनभागीदारी, विभिन्न विभागों के समन्वय, नवाचार और व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में अभियान को मिली सफलता को इस वर्ष और आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक जिला नए कीर्तिमान स्थापित करे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक नशे के दुष्परिणामों और नशामुक्त जीवन के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।
बैठक में 15 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाली दिवसवार गतिविधियों, विभिन्न विभागों के समन्वय, मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई, जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा Vision Document on Narcotics Control 2026-29 के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस मुख्यालय ने सभी अधिकारियों से अभियान के दौरान प्रभावी कार्रवाई, जनसहभागिता और नवाचार के माध्यम से मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

