सलैया के जंगल में अवैध महुआ शराब बनाने के अड्डे पर पुलिस की दबिश, 100 लीटर लहान नष्ट

सांवरी पुलिस की कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप, हाथ-भट्टी और शराब बनाने के उपकरण भी किए नष्ट

निर्मला पहाडे ब्यूरो प्रमुख छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा। जिले में अवैध शराब के निर्माण और कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में 18 अक्टूबर 2026 को चौकी सांवरी, थाना लावाघोघरी पुलिस ने ग्राम सलैया के जंगल में दबिश देकर अवैध रूप से हाथ-भट्टी से महुआ शराब बनाने के अड्डे का पता लगाया। पुलिस टीम ने मौके पर करीब 100 लीटर अवैध महुआ लहान नष्ट किया। साथ ही शराब बनाने में इस्तेमाल की जा रही हाथ-भट्टी, महुआ भट्टी और अन्य उपकरणों को भी मौके पर ही नष्ट कर दिया।

मुखबिर की सूचना पर जंगल में दी दबिश

पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, 18 अक्टूबर को चौकी सांवरी पुलिस को मुखबिर से ग्राम सलैया के जंगल में अवैध रूप से महुआ शराब तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। वहां हाथ-भट्टी के माध्यम से महुआ शराब बनाने की गतिविधि सामने आई।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जमीन में तैयार किया जा रहा करीब 100 लीटर महुआ लहान फैलाकर नष्ट कर दिया, ताकि उससे शराब तैयार नहीं की जा सके। इसके अलावा शराब निर्माण में उपयोग किए जा रहे उपकरणों और भट्टियों को भी नष्ट किया गया।

आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान

मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के तहत बिना वैध अनुमति शराब का अवैध निर्माण, आसवन और संबंधित गतिविधियां दंडनीय हो सकती हैं। ऐसे मामलों में परिस्थितियों और अपराध के स्वरूप के आधार पर अधिनियम की धारा 34 सहित संबंधित प्रावधान लागू हो सकते हैं।

हालांकि, उपलब्ध पुलिस प्रेस नोट में दर्ज एफआईआर, आरोपी की गिरफ्तारी या किसी विशेष धारा के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए यह पुष्टि करना आवश्यक है कि इस मामले में धारा 34 या आबकारी अधिनियम की किसी अन्य धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है या नहीं।

इन पुलिसकर्मियों ने संभाली कार्रवाई की कमान

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आफताब खान, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक दुर्गेश तिवारी, सहायक उप निरीक्षक नितेश ठाकुर, आरक्षक रविन्द्र दुबे, आरक्षक विजय सनोडिया, आरक्षक राम्मू सिंह तथा महिला आरक्षक सरिता शामिल रहीं।

पुलिस की इस कार्रवाई से जंगल में संचालित अवैध महुआ शराब निर्माण गतिविधि पर रोक लगाने का प्रयास किया गया है। अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ऐसी कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित आरोपियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी।

कानूनी संदर्भ के लिए मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34 अवैध शराब के निर्माण और शराब बनाने के उपकरणों के उपयोग से संबंधित है।

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