एक ही व्यक्ति के नाम प्लॉट नंबर 40, 41 और 45 के पट्टे जारी होने का दावा; सार्वजनिक रास्ता रोकने की शिकायत, एसडीएम से जांच और निरस्तीकरण की मांग
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश
आमला/बैतूल। ग्राम लिखड़ी में एक व्यक्ति के नाम तीन अलग-अलग आवासीय पट्टे जारी किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता सत्येन्द्र सिंह ने जनसुनवाई में आवेदन देकर पट्टों की वैधता की जांच और उन्हें निरस्त करने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति के पास पहले से निजी भूमि पर पक्का मकान होने के बावजूद उसके नाम आवासीय पट्टे जारी किए गए।
शिकायत के अनुसार ग्राम लिखड़ी निवासी सीताराम राजपूत के नाम खसरा नंबर 214(बी) में प्लॉट नंबर 40, रकबा 111 वर्गमीटर, प्लॉट नंबर 41, रकबा 22 वर्गमीटर और प्लॉट नंबर 45, रकबा 69 वर्गमीटर के आवासीय पट्टे जारी किए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित व्यक्ति पहले से निजी स्वामित्व की भूमि पर मकान बनाकर परिवार सहित निवास कर रहा है।
सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे का भी आरोप
शिकायत में दूसरा गंभीर आरोप सार्वजनिक आवागमन के रास्ते को रोकने का लगाया गया है। आवेदक के मुताबिक जिन भूखंडों पर पट्टे जारी किए गए हैं, वहां से ग्रामीणों का आवागमन होता है। आरोप है कि इन्हीं पट्टों का हवाला देकर रास्ते को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मौके का भौतिक निरीक्षण, राजस्व रिकॉर्ड की जांच, पट्टा जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित भूमि की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में पट्टे नियम विरुद्ध पाए जाते हैं तो उन्हें निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं। पट्टे किस आधार पर जारी किए गए, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में क्या दर्ज है और सार्वजनिक रास्ते की वास्तविक स्थिति क्या है, इसका स्पष्ट खुलासा प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगा।

