अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल, प्रबंधन ने स्ट्रेचर की कमी से किया इनकार
गुना, 4 अक्टूबर। मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल से सामने आया एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एक बहन अपने बीमार और दिव्यांग भाई को पीठ पर बैठाकर अस्पताल के वार्ड तक ले जाती दिखाई दे रही है। घटना के सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्ट्रेचर नहीं मिलने का परिजन ने लगाया आरोप
जानकारी के अनुसार, राघौगढ़ क्षेत्र के बोरखेड़ी गांव की रहने वाली कृष्णाबाई अपने भाई जगदीश को इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंची थीं। बताया गया कि जगदीश पिछले करीब एक साल से बीमार हैं और दिव्यांग होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं।
कृष्णाबाई का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भाई को वार्ड तक ले जाने के लिए उन्हें स्ट्रेचर या तत्काल मदद उपलब्ध नहीं हुई। काफी इंतजार के बाद उन्होंने भाई को अपनी पीठ पर बैठाया और खुद ही वार्ड तक पहुंचाया। इस दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
अस्पताल प्रबंधन ने दी अलग सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने स्ट्रेचर की कमी के दावे से इनकार किया। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के अनुसार अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर उपलब्ध हैं। क्रिटिकल केयर ब्लॉक और पुराने अस्पताल परिसर के आसपास भी स्ट्रेचर रखे जाते हैं।
उन्होंने बताया कि मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने के लिए वार्ड बॉय और मल्टी-यूटिलिटी कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। प्रबंधन के मुताबिक, कई बार मरीजों के परिजन जल्दबाजी में खुद ही मरीज को उठाकर अंदर ले जाते हैं।
घटना ने व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
एक ओर अस्पताल प्रबंधन पर्याप्त संसाधन और कर्मचारियों की उपलब्धता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सामने आया वीडियो मौके पर मरीज को तत्काल सहायता मिलने को लेकर सवाल खड़े करता है। घटना ने अस्पतालों में दिव्यांग और गंभीर मरीजों के लिए तत्काल सहायता व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।

